गोवा विस्फोट की जांच के लिए विशेष दल (लीड-1)
ज्ञात हो कि सनातन संस्था के दो कार्यकर्ताओं की शुक्रवार की रात मडगाव में उस समय मौत हो गई थी, जब वे स्कूटर में बम लेकर जा रहे थे और एक ट्रैफिक जाम में वह बम फट गया।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आईएएनएस को बताया है कि विस्फोट मामले में अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। पुलिस अधीक्षक ओम प्रकाश कुर्तादकर को एसआईटी का प्रमुख नियुक्त किया गया है।
पुलिस ने तीन अन्य बम बरामद कर उसे निष्क्रिय कर दिया है। उनमें से दो बम विस्फोट स्थल के पास पाए गए थे और एक बम विस्फोट स्थल से लगभग 25 किलोमीटर दूर वास्को के पास सानकोली में पाया गया था।
इस बीच गोवा पुलिस का एक दल सनातन संस्था के तीन कार्यकर्ताओं से पूछताछ के लिए महाराष्ट्र के सांगली जिले के लिए रवाना हो गया है। इन तोनों को इस घटना के संदर्भ में हिरासत में लिया गया है।
पुलिस ने कहा है कि मृतकों में एक मालगुदा पाटिल सांगली का ही रहने वाला था और लगभग दो वर्षो से गोवा स्थित सनातन संस्था आश्रम में रहता था।
गोवा के गृह मंत्री रवि नाइक ने संवाददाताओं को बताया कि सांगली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ के लिए पुलिस दल को रवाना कर दिया गया है।
पुलिस सूत्रों ने कहा है कि पुलिस दल पाटिल के परिवार से तथा सांगली में उसके साथियों से भी पूछताछ करेगा।
जांच में गोवा पुलिस को मदद देने के लिए गोवा गए मुंबई पुलिस के आतंक निरोधी दस्ते (एटीएस) ने रविवार को घटना स्थल का मुआयना किया।
इस बीच इस घटना को राजनीतिक रंग देने की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस विस्फोट को एक नृशंस कृत्य करार दिया है और गृह मंत्री पर आरोप लगाया है कि वे इस घटना की जांच में हस्तक्षेप कर राजनीतिक लाभ लेना चाहते हैं।
यह विस्फोट दीपावली की पूर्व संध्या पर मडगाव इलाके में ग्रेस चर्च के पास हुआ था। मृतकों की पहचान मालगुंदा पाटिल और योगेश नाइक के रूप में हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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