भविष्य निधि घोटाले के मुख्य आरोपी की मौत (लीड-1)
जिला अदालत में मध्य श्रेणी का अधिकारी अस्थाना पर गाजियाबाद जिला अदालत के कर्मचारियों के भविष्य निधि की 49 करोड़ की राशि गबन करने का आरोप था। वह अप्रैल, 2008 से न्यायिक हिरासत में था। उसने जांच के दौरान इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायधीशों सहित कई के नाम लिए थे। मामले में सर्वोच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंप दी गई थी।
डासना कारागार के अधीक्षक वी. के. सिंह ने बताया, "शनिवार देर रात 12.30 बजे अस्थाना बिल्कुल ठीक था। उसने सुबह में अखबार भी पढ़ा। अखबार पढ़ने के दौरान उसने अपने साथी कैदियों को बताया कि वह असहज महसूस कह रहा है और इसके बाद ही वह गिर गया।"
उन्होंने कहा, "पहले अस्थाना को कारागार के अस्पताल ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने पाया कि उसका रक्तचाप बहुत कम था। इसके बाद उसे एमएमजे अस्पताल ले जाया गया जहां उसकी मौत हो गई।"
सिंह ने बताया कि मौत की वजह का पता नहीं चल पाया है। इसके कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल पाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 1993 में बतौर कलर्क नौकरी आरंभ करने वाले अस्थाना को फरवरी, 2008 में पदोन्नति दी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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