मुख्यमंत्री कार्यालय पर धरना दे रहे तृणमूल के चार विधायक गिरफ्तार (लीड-2)
विपक्ष के नेता पार्थ चट्टोपाध्याय के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस के ये नेता मुख्यमंत्री कार्यालय पर धरने पर बैठे थे। मुख्यमंत्री पर राज्य में राजनीतिक हिंसा का षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए तृणमूल नेता मुख्यमंत्री की तत्काल गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
चट्टोपाध्याय ने संवादाताओं से बातचीत में कहा, "राज्य में राजनीतिक हिंसा का षडयंत्र रचने के लिए हम मुख्यमंत्री की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हैं। जब तक मुख्यमंत्री को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक हम धरने पर बैठे रहेंगे।"
इस बीच, पश्चिम बंगाल में जारी राजनीतिक हिंसा की निंदा करते हुए तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने भी मुख्यमंत्री को गिरफ्तार किए जाने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी थी कि यदि तृणमूल नेताओं को पुलिस ने छू भी दिया तो राज्यव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस के नेताओं द्वारा मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष धरना शुरू किए जाने के चंद घंटों के बाद ही ममता ने यह बयान दिया।
उन्होंने कहा, "माकपा राज्य में हिंसा फैला रही है और विपक्षी दलों के समर्थकों की हत्या करवा रही है। मुख्यमंत्री के समर्थन से माकपा समर्थक खासकर तृणमूल समर्थकों को निशाना बना रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "भट्टाचार्य के नेतृत्व में राज्य सरकार ने हमारे समर्थकों पर हो रहे अत्याचारों पर आंखों पर पट्टी बांध ली है। वे विपक्ष की आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं। यहां तक कि वे हमें कोई रैली तक नहीं करने दे रहे हैं।"
उल्लेखनीय है कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के पूर्व सांसद अनिल बसु ने गुरुवार शाम को हुगली जिले में एक आमसभा को संबोधित करते हुए पुलिस से सभी तृणमूल समर्थकों को गिरफ्तार करने को कहा था। पुलिस ने इस आदेश का पालन करते हुए दो तृणमूल समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया था।
इससे उत्तेजित तृणमूल नेताओं ने आज मुख्यमंत्री कार्यालय के समक्ष धरना दिया। तृणमूल नेताओं ने बसु के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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