अमेरिकी महाद्वीप में ध्यान शिविरों का आयोजन
बेंगलुरू से अपना आंदोलन शुरू करने वाले 'आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन' के संस्थापक श्री श्री रविशंकर का कहना है, "जब तक हमारे पास तनाव-मुक्त मस्तिष्क और हिंसा-मुक्त समाज नहीं होगा तब तक हम विश्व शांति कायम नहीं कर सकते हैं। हमें वैयक्तिक रूप में और समाज के भीतर सौहाद्र्रपूर्ण वातावरण बनाना होगा।"
फाउंडेशन की एक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक तनाव-मुक्त और हिंसा-मुक्त समाज के सपने को पूरा करने की दिशा में 'आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन' ने अमेरिकी महाद्वीप के 30 शहरों में सामूहिक ध्यान शिविरों का आयोजन किया गया।
सार्वजनिक स्थानों जैसे पार्को और स्कूलों में आयोजित इन शिविरों में राजनीतिज्ञों, संगीतकारों, सरकारी अधिकारियों और पत्रकारों सहित 'आर्ट ऑफ लिविंग' के हजारों सदस्यों ने भाग लिया।
'आर्ट ऑफ लिविंग' के शिक्षक बीट्रिज का कहना है कि ध्यान और 'आर्ट ऑफ लिविंग' की तकनीकें मनुष्य के अंदर उपस्थित गुस्से और हिंसा को दया और प्रेम में बदल देती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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