बेटी ने दी पिता को मुखाग्नि
फरु खाबाद जिले में गंगा नदी के घरिया शमशान घाट पर अंचल शाक्य (22) ने अपने पिता रामबाबू शाक्य (65) का वैदिक मान्यताओं के तहत अंतिम संस्कार किया। जिले के ग्वालटोली इलाके के निवासी शाक्य की गुरुवार दोपहर लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई थी।
पांच साल पहले शाक्य के बेटे राहुल की एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। घर में कोई पुरुष सदस्य नहीं होने के कारण शहर के बद्री विशाल डिग्री कॉलेज की छात्रा अंचल ने पिता का अंतिम संस्कार करने का फैसला किया।
शाक्य का अंतिम संस्कार कराने वाले महापात्र दीनानाथ ने कहा कि पिछले 25 साल से वह यह काम करवा रहे हैं लेकिन उन्होंने आज तक इस परंपरा का निर्वाह करते किसी महिला को नहीं देखा था।
राज्य में इससे पहले अगस्त में कुशीनगर में एक विधवा ने अपने पति का, देविरया जिले में एक पोती ने अपने दादा का और सितम्बर में कानपुर में एक विधवा ने समाज के तमाम विरोधों को दरिकनार करते हुए पति को मुखाग्नि दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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