ब्रह्मपुत्र बांध परियोजना पर चीन से सफाई मांगेगा भारत (लीड-1)
मीडिया में इस आशय की खबरें आने के बाद विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करेगा कि चीन सरकार द्वारा दी गई जानकारी के बाद स्थिति में कोई बदलाव तो नहीं आया है।
प्रवक्ता ने बताया कि नदियों के मुद्दे पर भारत और चीन के विशेषज्ञों के बीच हुई बैठक में चीन ने इस बात से इंकार किया था कि उसकी ब्रह्मपुत्र के प्रवाह को मोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर बांध बनाने की कोई योजना है।
मीडिया में इस आशय की खबर प्रकाशित होने के बाद भारत चीन से इस बारे में स्थिति स्पष्ट करने को कहेगा क्योंकि ऐसी परियोजना का ब्रह्मपुत्र नदी के आसपास निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा।
वर्ष 2006 में भारत और चीन सीमा पार नदियों के मुद्दे पर विशेषज्ञ स्तर की बैठक पर सहमति जाहिर की थी। इसकी अब तक तीन बैठकें हो चुकी हैं।
ब्रह्मपुत्र नदी चीन के स्वायत्त क्षेत्र तिब्बत में 1625 किलोमीटर इलाके में बहती है, जहां इसे यारलंगझांगबो कहा जाता है। भारत में यह नदी 918 किलोमीटर क्षेत्र में बहती है। बंगाल की खाड़ी में मिलने से पहले ब्रह्मपुत्र नदी बांग्लादेश में दो भागों में बंट जाती है। एक नाम है पद्मा और दूसरी है मेघना।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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