नक्सलवाद, मंहगाई और नरेगा में गड़बड़ियों के लिए राज्य जिम्मेदार : राहुल (लीड-1)
राहुल ने नक्सली समस्या के लिए सीधे तौर पर झारखण्ड, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ की सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि नक्सलवाद की समस्या कानून और व्यवस्था से जुड़ी है। इसकी वजह यह है कि राज्य सरकारें गरीबों के लिए ऐसे कार्यक्रम शुरू नहीं करती जिससे कि उनका उत्थान हो सके। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का और उड़ीसा में बीजू जनता दल (बीजद) की सरकार है जबकि झारखण्ड में राष्ट्रपति शासन लागू है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आंतरिक सुरक्षा के लिए नक्सलवाद को सबसे बड़ा खतरा मानते हैं लेकिन वह इसे गृहयुद्ध की तरह नहीं देखते। राहुल दो दिवसीय दौरे पर बुधवार को झारखण्ड पहुंचे थे।
राहुल का कहना है कि केंद्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार द्वारा आरंभ की गई राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (नरेगा) तभी कारगर साबित होगी जब राज्य सरकारें इसका सही ढंग से क्रियान्वयन करेंगी।
उन्होंने कहा, "आंध्र प्रदेश, राजस्थान, असम और कई अन्य राज्यों ने नरेगा का सही क्रियान्वयन किया है। कई राज्य ऐसा नहीं कर सके हैं। अगर राज्य सरकारें सही ढंग से क्रियान्वयन करें तो ऐसा नहीं हो सकता कि भ्रष्टाचार इस योजना को प्रभावित कर दे।"
उन्होंने कहा, "केंद्र सरकार योजनाएं बनाती है और पैसा भेजती है। वह राज्य सरकारों पर कुछ हद तक दबाव भी बना सकती है। अगर राज्य सरकारें रूचि नहीं दिखाती तो केंद्र ज्यादा कुछ नहीं कर सकता।"
महंगाई के सवाल पर राहुल ने कहा कि यह राज्य सरकारों की जिम्मेदारी है कि वह वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी पर अंकुश लगाए।
अरूणाचल प्रदेश को लेकर चीन के दावे को सिरे से खारिज करते हुए राहुल ने कहा कि अरूणाचल अन्य भारतीय राज्यों की तरह है।
गौरतलब है कि मनमोहन सिंह के हाल के अरूणाचल प्रदेश दौरे पर चीन ने मंगलवार को 'गहरा असंतोष' व्यक्त किया था।
अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच राहुल ने वक्त निकालकर शहीद पुलिस इंस्पेक्टर फ्रांसिस इंदवार की विधवा और उनके बच्चों से भेंट की तथा उनके प्रति संवेदना जताई। नक्सलियों ने पिछले सप्ताह इंदवार की हत्या कर दी थी।
राहुल शहीद पुलिस अधिकारी के घर गए और करीब 15 मिनट तक परिवार वालों से बातचीत की और उन्हें सांत्वना दी। राहुल ने दिवंगत अधिकारी की विधवा सुनीता से बातचीत के दौरान अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या का हवाला दिया। राजीव गांधी की 1991 में हत्या कर दी गई थी।
गौरतलब है कि पुलिस अधिकारी फ्रांसिस की नक्सलियों ने 30 सितंबर को खूंटी जिले के हेमब्रम बाजार से अपहरण कर लिया था। अपहरण के पांच दिन बाद पांच अक्टूबर को रांची-जमशेदपुर मार्ग से फ्रांसिस का शव बरामद हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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