हमारी कंपनियों के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा : अनिल अंबानी
एक कांफ्रेंस कॉल के दौरान अंबानी ने कहा, "हमारे समूह के स्टॉक पर चोट पहुंचाने के साथ इस तरह की गतिविधियों का उद्देश्य अफरा-तफरी फैलाना और विश्वास में कमी लाना है जिससे हमारे 1.1 करोड़ निष्ठावान शेयरधारकों को भारी नुकसान उठाना पड़े।"
उन्होंने कहा, "करीब दो साल पहले 2007-08 में जब हम रिलायंस पावर का सार्वजनिक निर्गम ला रहे थे तब ऐसा ही दुष्प्रचार किया गया था।"
इस संदर्भ में बाजार नियामक संस्था और पुलिस के पास मामला दर्ज कराने की बात करते हुए अंबानी ने कहा, "इस बार भी हमारे प्रतिद्वंद्वी इस तरह की सभी गतिविधियों को पूर्व नियोजित तरीके से अंजाम दे रहे हैं ताकि समूह से जुड़े महत्वपूर्ण विकास को बाधित किया जा सके।"
अपने समूह की एक कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस के बारे में आई रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए अंबानी ने कहा कि यह अचंभित करने वाला है कि बेतुकी बातों को हवा देने के साथ आधारहीन आरोपों को गढ़ा जा रहा है।
अंबानी ने कहा, "इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य, जिसे हमेशा से दरकिनार किया जा रहा है, यह है कि राजस्व संबंधी ये सभी आंकड़े कंपनी स्वयं दे रही है।" उन्होंने कहा कि सांविधिक लेखा और समीक्षा पहले की करवाई जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि रिलायंस कम्युनिकेशंस बाजार नियामक संस्था के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करती है। उन्होंने कहा कि अगर लाइसेंस शुल्क को लेकर कोई न्यायोचित मांग की जाती है तो रिलायंस कम्युनिकेशंस खुशी से भुगतान करेगी।
अंबानी के मुताबिक कंपनी के बारे में विशेष ऑडिट रिपोर्ट प्राप्त होने से पहले ही इसके कुछ हिस्सों को मीडिया के पास पहुंचा दिया गया, जिससे स्पष्ट तौर पर पता चलाता है कि इसके पीछे छिपा हुआ हित है।
अंबानी ने कहा कि विशेष ऑडिटर द्वारा की गई टिप्पणी पूर्वाग्रह से ग्रसित होने के अलावा पूरी तरह से एकपक्षीय थी।
उन्होंने कहा कि यह दुष्प्रचार ऐसे समय में शुरू किया गया है जब कंपनी ने बाजार नियामक के पास रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्च र के लिए सार्वजनिक निर्गम लाने का आवेदन किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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