नक्सलियों ने दो दिन के बंद के दौरान भारी तबाही मचाई : गृह मंत्रालय
गृह मंत्रालय के मुताबिक हिंसा की 21 घटनाओं में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी ) के कार्यकर्ताओं ने जहां-जहां तबाही मचाई, वहां पुनर्निर्माण में महीनों का वक्त लगेगा और पुनर्निर्माण के काम में संसाधनों की आवश्यकता होगी।
दो दिनों के बंद के दौरान नक्सलियों ने झारखण्ड में हिंसा की 13, बिहार में पांच और पश्चिम बंगाल में तीन घटनाओं को अंजाम दिया। इस दौरान दूरसंचार टावरों, रेलवे की पटरियों, सड़कों, स्कूलों, बसों और सरकारी भवनों को निशाना बनाया गया।
इसके अलावा झारखंड से सटे उड़ीसा के मयूरभंज जिले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पूर्व सांसद सुदाम मरांडी के तीन सुरक्षाकर्मियों को नक्सलियों ने अपना निशाना बनाया। पश्चिम बंगाल के पुरुलिया जिले में 'माओवादी प्रतिरोध समिति' के एक सदस्य की भी नक्सलियों ने हत्या कर दी। इस दौरान एक ग्रामीण बुरी तरह जख्मी हो गया।
गृह मंत्रालय की ओर से जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया, "नक्सली कथित तौर पर दावा करते हैं कि उनका मुक्ति संघर्ष आम आदमी खासकर जनजातियों की भलाई के लिए है लेकिन पिछले दो दिनों में उन्होंने सरकार और निजी निवेशकों के विकास कार्यो को तगड़ा झटका दिया है। क्षतिग्रस्त की गई सड़कों, पटरियों, रेलवे की संपत्तियों, दूरसंचार टावरों, स्कूल व अन्य सरकारी भवनों के निर्माण में कई महीने लगेंगे और इसके लिए अधिक संसाधनों की आवश्यकता पड़ेगी।"
विज्ञप्ति में कहा गया कि आम जनता को भाकपा (माओवादी ) द्वारा अपनाए गए इस रास्ते से हुए नुकसान और इसके परिणामों को समझना चाहिए। इससे गरीब और समाज के वंचित वर्ग को ही नुकसान पहुंचा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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