जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय मिशन की बैठक
इस दौरान प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन के विज्ञान में अपनी दक्षता, ज्ञान और क्षमताएं विकसित करने के महव को रेखांकित किया। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि हम जलवायु परिवर्तन पर वैश्विक समुदाय के साथ काम करना होगा। इसलिए जलवायु परिवर्तन संबंधी वैज्ञानिक आंकड़ों को तैयार करना और पढ़ने की क्षमता हासिल करना बहुत आवश्यक है। प्रधानमंत्री संबंधित विभिन्न मंत्रालयों में अलग-अलग सोच के प्रति चेतावनी देते हुए क्षमता निर्माण के लिए एकीकृत सोच अपनाने का सुझाव दिया।
जलवायु परिवर्तन के लिए राष्ट्रीय रणनीतिक ज्ञान मिशन जलवायु परिवर्तन के बारे में राष्ट्रीय कार्ययोजना के सेवा मिशन के रूप में कार्य करता है। मौजूदा ज्ञान संस्थाओं के नेटवर्क के रूप में आकडों के आदान-प्रदान, सांस्थानिक एवं मानव क्षमता निर्माण तथा महवपूर्ण जलवायु प्रक्रियाओं तथा जलवायु जोखिमों को समझना मिशन का उद्देश्य है। यह स्थायी तत्व मार्ग परिाषित करेगा तथा वैश्विक उपायों के सहयोग और भागीदारी हेतु कार्य करेगा।
इस बैठक में वित्त मंत्री, योजना आयोग के उपाध्यक्ष, पर्यावरण एवं वन राज्य मंत्री, आर्थिक सलाहकार परिषद के अध्यक्ष, विदेश सचिव, टीईआरआई के महानिदेशक डॉ आऱ क़े पचौरी और जलवायु परिवर्तन परिषद के अन्य गैर-आधिकारिक सदस्य शामिल हुए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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