देश की पहली महिला आईएफएस मुथम्मा का निधन
मुथम्मा के पारिवारिक सदस्यों ने कहा है कि एक निजी अस्पताल में उनका निधन हो गया। इलाज के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
चोनिरा बेलिअप्पा मुथम्मा का जन्म 24 जनवरी 1942 को कोदाऊ में हुआ था। उन्होंने कई सारे देशों में राजदूत और उच्चायुक्त के तौर पर अपनी सेवाएं प्रदान की थी। वह 1949 में आईएफएस से जुड़ी थीं और 1982 में सेवानिवृत्त हो गई थीं।
मुथम्मा ने विदेश सेवा में लैंगिक पक्षपात का विरोध किया था और विदेश सचिव के पद के लिए दरकिनार किए जाने पर उन्होंने वर्ष 1979 में भारत सरकार को अदालत के कटघरे में खड़ा किया था।
यद्यपि सर्वोच्च न्यायालय ने मुथम्मा की याचिका खारिज कर दी थी, लेकिन उसने कहा था कि मुथम्मा के इस तर्क में सच्चाई है कि विदेश सेवा में लैंगिक भेदभाव है।
मुथम्मा के लिखे लेखों का एक संग्रह 2003 में प्रकाशित हुआ था। संग्रह का शीर्षक था 'स्लेन बाइ द सिस्टम : इंडियाज रीयल क्राइसिस' यानी 'व्यवस्था के शिकार-भारत का असली संकट'।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications