पद्म अलंकरणों के लिए केरल की सूची पर विवाद
अच्युतानंदन से जब पूछा गया कि एक खास व्यापारी का नाम सूची में कैसे शामिल हो गया, तो अच्युतानंदन ने कहा कि इस तरह के निर्णय जरूरी नहीं कि कैबिनेट के निर्णय हों।
अच्युतानंदन ने कहा, "वैसे भी मैं कैबिनेट द्वारा लिए गए हर निर्णय के बारे में आपको बताने के लिए बाध्य नहीं हूं।"
मीडिया में आई खबरों में संकेत किया गया है कि राज्य सरकार ने नामों की जो सूची केंद्र को भेजी है, उसमें दो व्यापारियों के नाम शामिल हैं। ये व्यापारी हैं कोचीन मिनरल एंड रुटाइल्स लिमिटेड के प्रमुख एस.एन.शशिधरन कारथ और अनिवासी भारतीय रवि पिल्लई।
ए.के.एंटनी के मुख्यमंत्रित्व काल (2001-04) के दौरान अच्युतानंदन के नेतृत्व वाले विपक्ष ने कारथ पर गंभीर हमले किए थे। कारथ उस समय अलापुझा जिले में खनिज समृद्ध समुद्री रेत में खुदाई शुरू करने वाले थे।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेतृत्व में विपक्ष के भारी विरोध के बाद वह खुदाई परियोजना निरस्त कर दी गई थी। विपक्ष ने उस समय आरोप लगाया था कि सरकार ने कारथ से पैसे लिए हैं।
पिल्लई का नाम इसलिए विवाद में है, क्योंकि गृह मंत्री कोदियेरी बालाकृष्णन का छोटा बेटा मध्य पूर्व में स्थित उनकी कंपनी में उपाध्यक्ष पद पर कार्यरत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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