दिल्ली के बाजारों में खोखले साबित हो रहे हैं पुख्ता सुरक्षा इंतजाम के दावे
देश का सबसे बड़ा त्यौहार दीवाली कल से शुरू होने जा रहा है। इस अवसर पर खरीददारी के लिए बाजारों में लोगों की भीड़ जुटना शुरू हो गई है। दिल्ली के सरोजिनी नगर बाजार में दिनभर खरीददारों का तांता लगा रहता है लेकिन बाजार पर नजर रखने के लिए लगाए गए 27 सीसीटीवी कैमरों में से एक भी काम नहीं कर रहा है।
सरोजिनी नगर दिल्ली के व्यस्ततम बाजारों में से एक है। यहां 29 अक्टूबर, 2005 को दीवाली से ठीक दो दिन पहले बम विस्फोट हुआ था। जिसमें 40 लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे। घटना के चार साल बाद भी यहां की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता नहीं हुई है।
बाजार के समीप के एक पुलिस थाने के एक अधिकारी के मुताबिक 27 सीसीटीवी कैमरों में से एक भी कैमरा क्रियाशील अवस्था में नहीं है।
पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "जिस कंपनी से सीसीटीवी कैमरे लिए गए है उसका पैसा नहीं चुकाया गया है। कंपनी मामले को दिल्ली उच्च न्यायालय में ले गई है। मामला अदालत में लंबित है और कैमरे काम नहीं कर रहे हैं।"
'सरोजिनी नगर मिनी मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन' के अध्यक्ष अशोक रंधावा ने आईएएनएस से कहा, "पिछले डेढ़ वर्ष से सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं। हमने बाजार की निगरानी के लिए 40 निजी सुरक्षाकर्मी तैनात किए हैं।"
दिल्ली पुलिस प्रवक्ता राजन भगत ने आईएएनएस से कहा, "बाजार के सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं, इसलिए हमने वहां निगरानी के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भेजा है।"
पहाड़गंज, लाजपत नगर, जनपथ और करोलबाग बाजारों में भी सुरक्षा इंतजाम पर्याप्त नहीं हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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