विश्व के वांछित अपराधियों की शरणस्थली बना नेपाल!
काठमांडू, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। नेपाल विश्व के वांछित अपराधियों की शरणस्थली बन चुका है। हाल के कुछ वर्षो में दुनिया के विभिन्न कोनों में आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के बाद नेपाल में रह रहे आधे दर्जन से अधिक अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं।
पूर्वी नेपाल के झापा जिले से सटे काकरभिट्टा सीमा के रास्ते भारत में प्रवेश की कोशिश कर रहे पाकिस्तानी नागरिक अशरफ अली को इसी महीने के प्रारंभ में नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह भारत के रास्ते पाकिस्तान लौटने की फिराक में था।
अली अपने ही देश में दर्जनों आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने का आरोपी है। यहां तक की उसकी गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल तक ने अलर्ट जारी किया था।
अली के पास से नेपाली पासपोर्ट बरामद किया गया था जबकि उसे नेपाली भाषा का तनिक भी ज्ञान नहीं था। खोजबीन में पता चला की इसकी नागरिकता फर्जी थी और जिले के अधिकारियों को घूस देकर पासपोर्ट बनवाया था।
भारत के पश्चिम बंगाल में हथियारों की तस्करी के मामले में पिछले साल पकड़ा गया सुब्रत बायेन जमानत पर रिहा होने के बाद से नेपाल चला आया। वह यहां फर्जी पासपोर्ट बनवाकर रह रहा था। एक दिन वह भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बायेन फिलहाल नेपाल के भद्रपुर जेल में बंद है।
नेपाल में रह रहे ऐसे ही एक वांछित अपराधी को पिछले महीने गिरफ्तार किया गया। उसने भी नेपाल को अपना शरणगाह बना लिया था। ब्रेंसी ली स्मिथ नामक इस अमेरिकी अपराधी को काठमांडू से सैन-फ्रांसिस्को जाते वक्त हवाई अड्डे पर गिरफ्तार किया गया। वह बौद्ध भिक्षु के रूप में नेपाल में रह रहा था।
गौरतलब है कि राजनीतिक अस्थिरता के कारण नेपाल में पिछले 13 वर्षो में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच गया है। लगातार ऐसे आरोप भी लगते रहे हैं कि ऐसे अपराधियों को राजनेताओं की मदद मिलती है। कुख्यात भारतीय अपराधी बबलू श्रीवास्तव ने अपनी किताब में लिखा था कि नेपाली सांसद मिर्जा दिलशाद बेग आतंकवादियों को पनाह दिया करते थे और उन्हें नेपाल के रास्ते थाइलैंड जैसे देशों में भगाने में मदद करते थे। बेग की वर्ष 1998 में हत्या कर दी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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