नक्सलियों ने पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में हमले तेज किए (राउंडअप्र)
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा नक्सलियों को देश के लिए सबसे बड़ा खतरा बाताए जाने के ठीक दूसरे दिन नक्सलियों ने झारखंड के पाकुड़ जिले में स्थित पनाम कोल कंपनी के दो अधिकारियों की हत्या कर दी। कंपनी के निदेशक शीतल प्रसाद और अतिरिक्त निदेशक दीनानाथ की उस समय हत्या कर दी गई जब वे अमरपाड़ा इलाके के पास सुबह की सैर पर निकले हुए थे।
दुमका क्षेत्र के उप महानिरीक्षक मुरारीलाल मीणा ने आईएएनएस को बताया, "यह नक्सली या फिर आपराधिक वारदात हो सकती है। हम इसमें नक्सलियों के शामिल होने की आशंका से इंकार नहीं कर सकते।"
एक अन्य वारदात में नक्सलियों ने बोकारो जिले में पटरी उड़ा दी। पुलिस ने बताया कि नक्सलियों ने बोकारो थर्मल और झारनडीह रेलवे स्टेशनों के बीच पटरी उड़ाई, जिससे रेल सेवाएं बाधित हुईं। यहां 10 रेलगाड़ियों का मार्ग बदल दिया है।
नक्सलियों ने राज्य में चार ट्रकों को भी आग लगा दी और एक पुल को विस्फोट कर उड़ा दिया। धनबाद में एक ट्रक और गिरडीह जिले में तीन ट्रकों को आग लगाई गई। गिरडीह में ही नक्सलियों ने एक पुल को उड़ाया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "धनबाद जीटी रोड से गुजरने वाली बसों पर नक्सलियों ने अंधाधुंध गोलीबारी की जिससे तीन लोग घायल हो गए।"
उधर, बिहार में भाकपा (माओवादी) द्वारा घोषित दो दिवसीय बंद के पहले दिन मिला-जुला असर दिखा। बंद के कारण नक्सल प्रभावित रोहतास, औरंगाबाद, मुंगेर, गया सहित कई जिलों में यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। राज्य में लंबी दूरी तक चलने वाली लगभग सभी बसों को सोमवार से दो दिन के लिए बंद रखा गया है।
नक्सल प्रभावित जिलों के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यवसायिक प्रतिष्ठान भी बंद देखे जा रहे हैं, जबकि शहरी इलाकों में प्रतिष्ठान खुले हुए हैं। राज्य के अपर पुलिस महानिदेशक नीलमणि ने बताया," बंद के दौरान अब तक राज्य में कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है।"
नीलमणि ने बताया कि राज्य में नक्सलियों के बंद को देखते हुए सभी पुलिस अधीक्षकों को अपने-अपने जिलों में सुरक्षा के विशेष इंतजाम करने तथा नक्सलियों के प्रभाव वाले इलाकों में स्थित सभी सरकारी भवनों, पटरियों, रेलवे स्टेशनों और रेल गाड़ियों में सुरक्षा बल तैनात करने के आदेश दिए गए हैं।
उल्लेखनीय है कि बिहार के औरंगाबाद जिले के माली थाना क्षेत्र में संदिग्ध नक्सलियों ने रविवार रात एक निजी मोबाइल कंपनी के टॉवर को आग लगा दी थी। राज्य में नक्सली इस वर्ष अब तक 30 से ज्यादा मोबाइल टॉवर क्षतिग्रस्त कर चुके हैं।
पश्चिम बंगाल में झारखंड की एक पार्टी के कार्यकर्ता कनाई मुरमू को रविवार की रात पश्चिम मिदनापुर जिले के शालपात्रा गांव से नक्सलियों के एक समूह ने अगवा कर लिया था। बाद में उनका शव बीनापुर इलाके में कापटकाटा नहर में सोमवार को अपराह्न् पाया गया।
राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, "हमने मामले की जांच शुरू कर दी है।"
पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटना में नक्सलियों के एक सशस्त्र समूह ने रविवार की रात पुरुलिया जिले में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के एक स्थानीय नेता के घर पर हमला बोल दिया। नक्सलियों ने चंद्रशेखर लायर के घर को आग के हवाले कर दिया और उन्हें बुरी तरह घायल कर दिया।
केंद्र सरकार के बातचीत के प्रस्ताव के बावजूद नक्सलियों ने सशस्त्र संघर्ष के अपने रास्ते को त्यागने से इंकार कर दिया है और सरकारी मशीनरी के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी नक्सलियों के खिलाफ हमले शुरू करने का निर्णय लिया है, जिसके इस महीने के अंत तक शुरू हो जाने की संभावना है।
इधर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेब भट्टाचार्य ने सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से नई दिल्ली में मुलाकात की है और राज्य में नक्सलवाद के मुद्दे पर चर्चा की है। भट्टाचार्य ने रविवार को गृह मंत्री पी.चिदंबरम से भी मुलाकात की थी।
इस बीच महाराष्ट्र सरकार को खुफिया सूचना मिली है कि पड़ोसी राज्य से नक्सलियों ने राज्य में घुसपैठ की है। वे चुनाव के दौरान गड़बड़ी पैदा कर सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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