नक्सली हिंसा : बिहार और झारखण्ड में बंद के दौरान भारी तोड़फोड़ (राउंडअप)
नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी लाने की सरकार की घोषणा के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने झारखंड, बिहार, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में दो दिवसीय बंद का आह्वान किया था।
यद्यपि, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल में बंद शांतिपूर्ण रहा, लेकिन बिहार के ग्रामीण इलाकों में इसका असर देखा गया। झारखण्ड में रेल और बस सेवा बाधित हुई और कोयला व अन्य खनिज पदार्थो की ढुलाई पर बुरा असर पड़ा।
झारखण्ड के चतरा जिले के नवाडीह में नक्सलियों ने मंगलवार तड़के एक सरकारी विद्यालय की इमारत को विस्फोट से उड़ा दिया और मैकलुस्कीगंज और महुआ मिलन रेलवे स्टेशनों के बीच पटरी को उड़ा दिया जिससे एक माल गाड़ी पटरी से उतर गई।
इससे पहले सोमवार देर रात नक्सलियों ने दानिया और जोगेश्वर रेलवे स्टेशनों के बीच पटरियों को विस्फोट के जरिए उड़ा दिया था, जिससे इस मार्ग पर रेल सेवाएं प्रभावित हुईं।
हजारीबाग में कोलकाता से अजमेर शरीफ जा रही बस पर नक्सलियों ने बम से हमला किया जिससें नौ यात्री घायल हुए।
सोमवार रात को नक्सलियो ने गुमला और पलामू जिलों में चार मोबाइल टॉवरों को भी विस्फोट से उड़ा दिया था।
पड़ोसी राज्य बिहार में भी कमोबेश यही स्थिति रही। नक्सलियों ने मंगलवार तड़के करीब तीन बजे मुंगेर जिले के संग्रामपुर प्रखंड कार्यालय पर हमला बोला और कार्यालय की इमारत को विस्फोटकों से उड़ा दिया। घटना की पुष्टि करते हुए संग्रामपुर थाने के प्रभारी किशोर कुमार ने बताया कि इस घटना में प्रखंड कार्यालय की इमारत पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद नक्सली फरार हो गए।
दूसरी ओर नक्सलियों ने औरंगाबाद जिले के मदनुपर थाना क्षेत्र के पड़ड़िया गांव और गया जिले के शेरघाटी अनुमंडल के हुसैनगंज गांव में धावा बोलकर निजी मोबाइल कंपनी के दो टॉवरों को जला दिया। औरंगाबाद के पुलिस उपाधीक्षक अख्तर हुसैन और शेरघाटी अनुमंडल के पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) रंजन कुमार ने इन घटनाओं की पुष्टि की।
इससे पहले नक्सलियों ने सोमवार देर रात बंशीपुर रेलवे स्टेशन पर हमला बोल दिया था। पुलिस के अनुसार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के करीब 40-50 नक्सली सोमवार रात करीब 12 बजे बंशीपुर रेलवे स्टेशन पर आ धमके और वहां सहायक स्टेशन मास्टर (एएसएम) ए़ क़े गौड़ सहित स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों को अपने कब्जे में कर लिया।
इसके बाद नक्सलियों ने स्टेशन के कंट्रोल पैनल सहित सभी कागजातों को क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना को अंजाम देने के बाद नक्सलियों ने बंधक बनाए गए सभी रेलकर्मियों को मुक्त कर दिया।
घटना की पुष्टि करते हुए राजकीय रेलवे पुलिस, जमालपुर के पुलिस अधीक्षक विमल कुमार ने मंगलवार को बताया कि घटना के बाद किउल-झाझा रेलखंड पर परिचालन ठप हो गया था, जिसे सुबह दुरूस्त किया गया।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मतदान शुरू होने के पहले से ही समस्या शुरू हो गई। गढ़चिरौली के दो क्षेत्रों में गोली चलने की आवाज सुनी गई।
अधिकारियों ने बताया, "अहेरी और अरमोरी विधानसभा क्षेत्रों के 11 मतदान केंद्रों पर दोपहर दो बजे तक मतदान शुरू नहीं हो पाया।"
क्षेत्र में सुरक्षाबलों की तैनाती के बावजूद मतदाता नक्सलियों के भय से घरों से बाहर नहीं निकले। क्षेत्र में अधिकत जनजातीय मतदाता हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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