अरूणाचल के जनप्रतिनिधियों ने की चीन की आलोचना
अरूणाचल प्रदेश के कांग्रेस सांसद तकाम संजय ने आईएएनएस से कहा, "हमारे प्रधानमंत्री के अरूणाचल प्रदेश के दौरे को लेकर चीन ने जो विरोध अथवा असंतोष जताया है वह पूरी तरह निंदनीय है।"
संजय ने कहा, "अरूणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और चीन को भारत के अंदरूनी मामलों में दखल देने का कोई अधिकार नहीं है। "
प्रदेश के एक अन्य विधायक ने नाम न जाहिर करने की शर्त पर कहा कि चीन की प्रतिक्रिया निर्थक है। अरूणाचल प्रदेश पर वह कैसे दावा कर सकता है जबकि 750,000 मतदाताओं में 70 फीसदी ने मंगलवार को राज्य विधानसभा के लिए मतदान में हिस्सा लिया।
उल्लेखनीय प्रधानमंत्री ने 3 अक्टूबर को एक चुनावी रैली को संबोधित करने के लिए अरूणाचल प्रदेश का दौरा किया था। इस पर चीन के विदेश मंत्रालय ने असंतोष जताया है।
चीन ने वर्ष 2003 में सिक्किम राज्य में चीन की जमीन पर से अपना दावा छोड़ दिया था लेकिन अब भी उसका कहना है कि करीब-करीब पूरा अरूणाचल प्रदेश उसका हिस्सा है। पहाड़ी राज्य अरूणाचल की 1,030 किलोमीटर सीमा चीन के साथ जुड़ती है और यहां अब तक कोई बाड़ नहीं लगी है।
अरूणाचल प्रदेश में भारत-चीन सीमा मैकमोहन लाइन के जरिये विभाजित है। यह एक काल्पनिक रेखा है जिसे अब वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) कहा जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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