भारत ने की विकसित देशों की संरक्षणवादी नीतियां की आलोचना
अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय तंत्र और विकास पर संयुक्त राष्ट्र समिति के विचार विमर्श के दौरान सांसद सैफुद्दीन सोज ने सोमवार को कहा, "दुनिया भर के देश अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय तंत्र के अधिक प्रभावी नियमन की जरूरत महसूस कर रहे हैं।"
विकसित देशों में बढ़ती संरक्षणवादी प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए सोज ने कहा, "हमें भविष्य में वित्तीय संकट के दोहराव से बचने के लिए सामूहिक रूप से कदम उठाने चाहिए।"
उन्होंने कहा, "हमें किसी भी तरह की संरक्षणवादी नीतियों से परहेज करना चाहिए। चाहे वह वस्तुओं के आयात-निर्यात के लिए हो या व्यक्तियों व वित्तीय सेवाओं के लिए हो।"
हाल में अंतर्राष्ट्रीय प्रशासन में सुधार के लिए की गई पहल का स्वागत करते हुए सोज ने कहा, "अंतर्राष्ट्रीय मुद्राकोष में कम से कम सात फीसदी कोटा विकासशील देशों को स्थानांतरित करने सहित अधिक गहन प्रयास करने की जरूरत है।"
सोज ने कहा, "हमें वैश्विक वित्तीय और आर्थिक संरचना में विकासशील देशों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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