जल के बाद चांद पर हो जीवन की जांच : जयंत नार्लीकर
गोवा में रविवार को 'पृथ्वी के वातावरण में सूक्ष्म-जीवन की खोज' विषय पर वक्तव्य देते हुए नार्लिकर ने कहा कि चांद पर जल की खोज ने वहां पर जीवन के अस्तित्व के मुद्दे को एक नई दृष्टि दी है।
पद्मभूषण से सम्मानित नार्लिकर ने कहा, "यदि हमें चांद पर जल मिलता है तो हमें वहां पर जीवन के लक्षण भी अवश्य दिखाई देंगे।" उन्होंने कहा कि पृथ्वी से 41 किलोमीटर ऊपर भी जीवन के निशान मिले हैं।
उन्होंने कहा, "भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) और देश के अन्य वैज्ञानिक संस्थानों ने सूक्ष्म-जीवन ऐसा रूप खोजा है जो पृथ्वी पर नहीं मिलता।"
इसरो के तत्वावधान में 2001 व 2005 में किए गए सफल गुब्बारा परीक्षणों का जिक्र करते हुए 'इंटर-यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजीक्स' (आईयूसीसीए) के संस्थापक-निदेशक नार्लिकर ने कहा कि 41 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर छोड़े गए गुब्बारों द्वारा इकट्ठे किए गए वायु के नमूनों से वहां ऐसे सूक्ष्म-जीवों की उपस्थिति का पता चला है जो पृथ्वी पर नहीं मिलते।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications