परमाणु क्षमतायुक्त पृथ्वी-2 मिसाइल का सफल परीक्षण (लीड-2)
इन मिसाइलों को बालासोर जिले के चांदीपुर में स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज (आईटीआर) से प्रक्षेपित किया गया। पहला प्रक्षेपण सुबह 10.28 बजे और दूसरा प्रक्षेपण ठीक पांच मिनट बाद 10.33 बजे किया गया।
परीक्षण की निगरानी में लगे नौसेना के दो जहाजों ने बताया है कि मिसाइलों ने अपने लक्ष्य पर सटीक हमला किया है।
आईटीआर के निदेशक एस.पी.दास ने आईएएनएस को फोन पर बताया, "इन मिसाइलों का परीक्षण मूल रूप से सेना के लोगों द्वारा किया गया। यह एक प्रयोक्ता परीक्षण था। परीक्षण शानदार था।"
दास ने कहा कि इन मिसाइलों की मारक क्षमता लगभग 350 किलोमीटर है।
पृथ्वी भारत की पहली बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे पूरी तरह स्वदेशी तकनीक से निर्मित किया गया है। यह देश के इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम (आईजीएमडीपी) के तहत विकसित किए जा रहे पांच मिसाइलों में से एक है।
मिसाइलों के दो संस्करणों को पहले से ही सेना और वायुसेना में तैनात किया जा चुका है।
सोमवार को संपन्न हुए इस परीक्षण के दौरान रक्षा मंत्रालय के वैज्ञानिक सलाहकार वी.के.सारस्वत सहित कई वैज्ञानिक उपस्थित थे।
नई दिल्ली स्थित रक्षा अधिकारियों के अनुसार पृथ्वी मिसाइल 500 किलोग्राम का बम ले जाने में सक्षम है।
एक अधिकारी ने यहां कहा, "दोनों मिसाइल सशस्त्र बलों से संबंधित थे और इनके प्रक्षेपण की पूरी गतिविधि स्ट्रेटजिक फोर्स कमांड की ओर से संचालित की गई।"
परीक्षण के समय स्ट्रेटजिक फोर्स कमांड के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल बी.एस.नागल, पूर्वी कमान के कमान अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल वी.के.सिंह और वरिष्ठ वैज्ञानिक उपस्थित थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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