भारत का 93 फीसदी कामकाजी वर्ग असंगठित क्षेत्र में
अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन(आईएलओ) ने विश्व व्यापार संगठन(डब्लूटीओ) के साथ मिल कर भारत में कामकाजी वर्ग की स्थिति पर एक रिपोर्ट तैयार की है।
रिपोर्ट में 2004 के आकड़ों के आधार पर कहा गया है," भारत में निजी और पंजीकरण के बिना काम कर रही कंपनियों में काम करने वाली आबादी दुनिया के किसी भी देश के मुकाबले सबसे अधिक है।"
रिपोर्ट के निष्कर्ष पर टिप्पणी करते हुए विश्व व्यापार संगठन के महानिदेशक पास्कल लेमी ने कहा, " व्यापार ने दुनिया भर में विकास को बढ़ावा देने में योगदान दिया है। लेकिन इससे रोजगार की गुणवत्ता में सुधार नहीं हुआ है।"
लेमी ने कहा, " रोजगार की गुणवत्ता में सुधार के लिए उचित घरेलू नीतियों की जरूरत है। हाल में मंदी के दौरान असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे हजारों लोगों को नौकरी से निकाल दिया गया। ऐसे में एक उचित नीति की जरूरत और बढ़ जाती है।"
असंगठित क्षेत्र में निजी, बिना पंजीकरण के चलने वाली कंपनियां आती हैं जिन पर कोई राष्ट्रीय कानून लागू नहीं होता। ये कंपनियां कर्मचारियों को किसी भी तरह की सामाजिक सुरक्षा प्रदान नहीं करती हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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