अगस्त में औद्योगिक उत्पादन ने लगाई छलांग(लीड-2)
औद्योगिक उत्पादन की यह दर पिछले 22 माह में सबसे अधिक है।
औद्योगिक क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन को उद्योग जगत के तेजी से पटरी पर आने का संकेत माना जा रहा है।
केंद्रीय सांख्यिकीय संगठन द्वारा सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार आलोच्य माह में विनिर्माण क्षेत्र का उत्पादन 10.2 फीसदी बढ़ा। खनन क्षेत्र के उत्पादन में 12.9 फीसदी वृद्धि हुई, जबकि बिजली का उत्पादन 10.6 फीसदी बढ़ा।
आंकड़ों के अनुसार पूंजीगत वस्तुओं और उपभोक्ता वस्तुओं के उत्पादन में 8.3 फीसदी वृद्धि हुई है।
पिछले वित्त वर्ष यानी 2008-09 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 2.6 फीसदी थी।
उद्योग संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री(फिक्की) के अध्यक्ष हर्ष पति सिंघानिया ने भी विनिर्माण क्षेत्र की बहाली के लिए सरकार के प्रयासों का स्वागत किया है।
सिंघानिया ने कहा कि अगस्त में 17 बड़े औद्योगिक समूहों में से 14 समूहों का उत्पादन बेहतर हुआ है।
उन्होंने कहा, " औद्योगिक क्षेत्र में वृद्धि का सिलसिला ऐसे ही बना रहता तो चालू वित्त वर्ष में 6.5 फीसदी की विकास दर आसानी से हासिल की जा सकती है।"
एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री(एसोचैम ) ने भी औद्योगिक क्षेत्र के उत्पादन की ऊंची वृद्धि दर को भारतीय अर्थव्यवस्था में सुधार का संकेत बताया है।
अगस्त माह में औद्योगिक क्षेत्र के शानदार प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के महानिदेशक चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि औद्योगिक उत्पादन में दोहरे अंकों की वृद्धि औद्योगिक क्षेत्र और अर्थव्यवस्था में तेजी आने का संकेत है।
उन्होंने कहा," विनिर्माण, प्राथमिक वस्तुओं, खनन, और बिजली के उत्पादन में 10 फीसदी से अधिक वृद्धि सरकार द्वारा घोषित किए गए राहत पैकेजों के कारण संभव हुई है।"
बनर्जी ने कहा कि सरकार को अर्थव्यवस्था को सहारा देने के लिए उठाए गए वित्तीय और मौद्रिक कदमों को जारी रखना चाहिए जिससे औद्योगिक और कृषि क्षेत्र को आगे भी मदद मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि रिजर्व बैंक कड़ी मौद्रिक नीतियां आगे भी जारी रखेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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