हाइड्रोकार्बन नीलामी से अलग रहीं शीर्ष कंपनियां
आठवें दौर की नीलमाी के तहत बोली प्राप्त करने की समय सीमा सोमवार को दोपहर 1.30 बजे तक थी। अपराह्न् 1.30 बजे बोली खोली गई।
हाइड्रोकार्बन के महानिदेशक और तेल नियामक वी.के. सिब्बल ने बताया, " हम बेहतरीन साझा उत्पादन समझौते की पेशकश कर रहे हैं। लेकिन कंपनियों के ठंडे रूख के कारण खराब संदेश गया है।"
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज ने नीलामी दौर में किसी तेल ब्लाक के लिए एक भी बोली नहीं लगाई।
नीलामी की घोषणा होने के तुरंत बाद अनिल धीरूभाईअंबानी समूह ने तेल मंत्रालय पर देश के तेल एवं प्राकृतिक गैस ब्लाकों के लिए विदेशी निवेश आकर्षित करने में विफल रहने का आरोप लगाया था। समूह ने इसका कारण सरकार की लचर, पक्षपात पूर्ण और गैर-पारदर्शी नीतियां बताया था।
समूह की कंपनी रिलायंस पॉवर के मुख्य कार्यकारी जे.पी.चलसानी ने कहा " विदेशी निवेश न आने का कारण स्पष्ट और पारदर्शी नीतियों का अभाव है। दुनिया की पांच शीर्ष तेल कंपनियों में से एक ने भी नीलामी में भाग नहीं लिया"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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