राजस्थान में नगर निकायों को ऋण लेने की अनुमति मिली
नगर निकायों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अनेक निकायों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर वित्तीय मदद का अनुरोध किया था।
ज्ञापन में कहा गया था कि आर्थिक स्थित खराब होने के कारण भुगतान तथा कर्मचारियों को बोनस देने में नगर निकायों को दिक्कत हो रही है।
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने स्वायत्त शासन विभाग को निर्देश दिया था कि दीपावली से पहले कर्मचारियों को बोनस एवं आर्थिक सहायता देने के लिए कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद वित्तीय वर्ष 2009-10 के लिए नगर निगमों को 15 करोड़ रुपये, नगर परिषदों को पांच करोड़ रुपये, द्वितीय श्रेणी नगर पालिकाओं को दो करोड़ रुपये, तृतीय श्रेणी नगर पालिकाओं को एक करोड़ रुपये तथा चतुर्थ श्रेणी नगर पालिकाओं को 50 लाख रुपये तक कि अल्पावधि ऋण लेने की अनुमति दी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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