बाढ़ राहत कोष के लिए कर्नाटक में विशेष कर
यहां आयोजित एक सर्वदलीय बैठक में येदियुरप्पा ने कहा, "प्रस्तावित कर छह महीने से साल भर तक जारी रहेगा। इसके जरिए राज्य में बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित 15 जिलों में राहत और पुनर्वास योजनाओं को क्रियान्वित करने के लिए कोष जुटाया जाएगा।"
येदियुरप्पा ने कहा है कि सरकार की पहली प्राथमिकता बाढ़ के कारण बेघर हुए लोगों को आवास मुहैया कराने के लिए लगभग 100,000 घरों का निर्माण करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा, "भूमि अधिग्रहण कानून में आपातकालीन प्रावधान को लागू कर 4,000 से 5,000 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की हमारी योजना है। निचले इलाकों के 217 गांवों में रहने वाले लोगों को और नदी के किनारे रहने वालों को ऊंचाई वाले स्थानों पर पहुंचा दिया गया है।"
येदियुरप्पा ने कहा है, "प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए संसाधनों को जुटाने हेतु हम कर्ज लेने में जरा भी नहीं हिचकिचाएंगे। जल्द से जल्द सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए राहत कार्यो को युद्ध स्तर पर शुरू किया गया है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "हमने केंद्र सरकार से आपदा राहत कोष और एनसीसीएफ से 16,500 करोड़ रुपये की मांग की है, क्योंकि पहली बार ऐसा हुआ है जब राज्य के आधे से अधिक जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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