फोर्ड फाउंडेशन छात्रवृत्ति 2010 तक बंद हो जाएगी
आईएफपी के निदेशक विवेक मनसुखानी ने रविवार को यहां कहा, "उच्च शिक्षा की पहुंच को व्यापक बनाने तथा गुणवत्ता वाली उच्च शिक्षा से वंचित विभिन्न समूहों और समुदायों के लोगों की एक नई पीढ़ी तैयार करने में मदद पहुंचाने के लिए वर्ष 2001 में आईएफपी की स्थापना की गई थी।"
मनसुखानी आईएफपी के अंतिम संस्करण की घोषणा करने के लिए वाराणसी आए हुए थे।
मनसुखानी ने संवाददाताओं को बताया, "फाउंडेशन की ओर से 10 वर्षो के लिए 35.50 करोड़ डॉलर की राशि जारी की गई थी। इस कार्यक्रम के तहत एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और मध्य पूर्व के 22 देशों में छात्रवृत्ति प्रदान की जाती रही है। वर्ष 2010 में हम आईएफपी के लिए अंतिम बार अध्येताओं का चयन करेंगे।"
आईएफपी की ओर से तीन वर्षो के आधुनिक अध्ययन के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाता है।
मनसुखानी ने कहा, "हम इस छात्रवृत्ति को जारी रखने के लिए कोष की व्यवस्था करने हेतु भारत सरकार और स्वयंसेवी संगठनों से संपर्क करेंगे। हमारी कोशिश होगी कि आईएफपी जारी रहे और इसके लिए हम इस योजना से लाभ ले चुके लोगों के भी संपर्क में हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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