बांग्लादेश में माओवादी विद्रोही को मिला राजकीय सम्मान
स्थानीय 'समाचार पत्र' के अनुसार 57 वर्षीय निरापादा बैरागी को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी होने के कारण पेंशन भत्ता मिलता था लेकिन बैरागी बाद में माओवादी राजनीति में सक्रिय हो गया।
समाचार पत्र 'न्यू एज' के अनुसार बैरागी प्रतिबंधित न्यू बिप्लबी कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल हो गया और शुक्रवार को दक्षिणपूर्वी शहर खुलना में पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई लड़ाई में मारा गया।
पुलिस के मुताबिक बैरागी हत्या, अपहरण और लूट के आठ मामलों में आरोपी था।
खुलना के उपायुक्त एन.एम. जियाल आलम ने कहा कि बैरागी का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ दुमुरिया मैदान पर किया गया।
बैरागी के बेटे अमित कुमार ने कहा कि उसके पिता निर्दोष थे और वे सिर्फ अपहरण के एक मामले में आरोपी थे।
अमित कुमार ने कहा, "एक व्यक्ति जो कभी भूमिगत नहीं रहा 57 साल की उम्र में कैसे नक्सली हो सकता है।" उन्होंने पुलिस पर फर्जी मामले गढ़ने का आरोप लगाया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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