भारत का वित्तीय प्रबंधन विश्व में सबसे अच्छा : व्यास
उन्होंने कहा कि आज जब विश्व के पांच बड़े देशों के बैंक आर्थिक मंदी की चुनौती के दौर से गुजर रहे हैं, ऐसे में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की साख कायम है। प्रो. व्यास आज अजमेर में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय 62वीं अखिल भारतीय कॉमर्स कान्फ्रेंस के शुभारंभ पर देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आये लगभग 400 शिक्षाविदों को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कॉमर्स को प्रबंधन की जननी कहा और विश्व स्तर पर व्याप्त आर्थिक मंदी को दूर करने के लिए अन्तरराष्ट्रीय वित्तीय प्रबंधन से जुड़े संस्थानों को आगे आने का सुझाव दिया।
प्रो. व्यास ने अमेरिका एवं भारत की अर्थव्यवस्था की तुलना करते हुए कहा कि अमरीका में बचत शून्य है और निवेश ज्यादा है जबकि भारत में बचत अधिक और निवेश कम है। इसमें उन्होंने वित्तीय प्रबंधन संतुलन बनाने एवं निगरानी व्यवस्था को मजबूत बनाने की बात कही। उन्होंने बैंको की ऋण देने की नीतियों में भी सुधार लाने की जरूरत बताई।
उन्होंने कहा कि हर शताब्दी में संसार को आर्थिक त्रासदी का सामना करना पड़ता रहा है। 20वीं शताब्दी में विश्व युद्घों ने अर्थ व्यवस्था को चौपट किया था। वर्तमान में उन्होंने आर्थिक मंदी के कारणों का पता लगाने, कान्फ्रेंस में शिक्षाविदों से कॉमर्स विषय से जुड़े विविध विषयों पर विचार मंथन करके सारगर्भित रिपोर्ट सरकार को भेजने को कहा।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि अजमेर में आयोजित यह कान्फ्रेंस कॉमर्स एवं आर्थिक प्रबंधन को नई दिशा देगी और विकास वृद्घि की दर को बढ़ाने वाली तथा मुद्रा स्फीति के नियंत्रण में कारगर सुझाव देकर आयोजन के लक्ष्य को प्राप्त करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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