पाक में सैन्य मुख्यालय पर आतंकी हमले में 11 की मौत, मुठभेड़ जारी (राउंडअप)

समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक हमले में चार हमलावरों और एक राहगीर की भी मौत हुई है। इस हमले के एक दिन पहले ही पेशावर में हुए एक आत्मघाती हमले में 53 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 100 से अधिक लोग घायल हो गए थे।

आतंकियों के साथ अभी भी मुठभेड़ जारी है, क्योंकि खुफिया अधिकारियों ने कहा है कि दो आतंकियों ने दो सैन्य अधिकारियों को बंधक बना रखा है।

पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है।

जरदारी और गिलानी ने अपने-अपने बयान में आतंकवाद के खिलाफ जंग जारी रखने की बात कही है। दोनों नेताओं ने कहा है कि ऐसी घटनाओं से आतंकवादियों के खिलाफ कार्रवाई कमजोर नहीं होगी।

देश को स्तब्ध कर देने वाले हमले और करीब 50 मिनट के संघर्ष के बाद सेना ने कहा है कि इस संघर्ष में चार सैनिकों की मौत हो गई तथा अत्यधिक सुरक्षा वाले परिसर में दाखिल होने की कोशिश करने वाले छह आतंकवादियों में से चार को मार गिराया गया है। कार्रवाई में पांच सैनिक घायल भी हो गए हैं।

सुजुकी वाहन में सवार होकर आए सेना की वर्दी पहने कुछ आतंकवादियों ने सबसे पहले सुरक्षा बलों की एक चौकी पर गोलीबारी कर सभी सैनिकों को या तो मार डाला या फिर घायल कर दिया। उसके बाद हमलावर इमारत के नजदीक स्थित दूसरी चौकी की ओर बढ़ गए।

रोके जाने पर आतंकवादी उसी समय वाहन से बाहर निकल आए और स्वचालित हथियारों से गोलियां बरसाने लगे तथा ग्रेनेड फेंकने लगे।

पूरे इलाके में दहशत फैल गई। सेना के जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी और चार आतंकवादियों को मार गिराया। लेकिन उनमें से दो आतंकवादी बच निकले। इस संघर्ष में एक राहगीर भी मारा गया।

खुफिया विभाग के एक अधिकारी ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर बताया कि कम से कम दो आतंकवादी मुख्यालय परिसर में दाखिल होने में कामयाब रहे और उन्होंने दो सैन्य अधिकारियों को बंधक बना लिया है। अधिकारी ने कहा है कि मारे गए सैनिकों में एक ब्रिगेडियर और एक लेफ्टिनेंट कर्नल शामिल है।

दूसरी ओर सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने इससे इंकार किया है कि हमलावरों ने किसी सैनिक को बंधक बना लिया है।

अब्बास ने कहा, "दो आतंकवादी बच निकलने में कामयाब रहे लेकिन हम आश्वस्त हैं कि वे यहां छुपे नहीं हैं।" उन्होंने कहा कि सेना ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और दो आतंकवादियों को गिरफ्तार करने के लिए तलाशी अभियान जारी है।

इससे पहले अब्बास ने बताया था कि हालात पूरी तरह काबू में हैं। परिसर में दाखिल होने की कोशिश करने वाले सभी आतंकवादी मारे जा चुके हैं।

खुद को तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी)का प्रवक्ता बताने वाले एक शख्स ने जियो टीवी से फोन पर संपर्क कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है।

'जियो टीवी' ने मंसूर अहमद नाम के प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से बताया कि हमलावरों ने वाहन से सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां बरसाईं। वे बार-बार ग्रेनेड दाग रहे थे। अहमद ने बताया कि कम से कम एक हमलावर तो चंद मिनटों में ही मारा गया। उसका शव सड़क पर पड़ा था।

आईएसआई के पूर्व प्रमुख अशरफ जावेद काजी ने कहा है, "दक्षिण वजीरिस्तान में विद्रोही पूरी तरह से घिर गए हैं और यह हमला दबाव बनाने की उनकी एक हताश कोशिश जान पड़ती है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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