आंध्र और कर्नाटक के लिए 2,000 करोड़ रुपये की घोषणा (राउंडअप)
मनमोहन सिंह ने रायचूर में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मैं कर्नाटक के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अंतरिम राहत की घोषणा करता हूं। बाढ़ के कारण मारे गए 226 लोगों के लिए मैं पहले ही हर पीड़ित परिवार हेतु 100,000 रुपये मुआवजे की घोषणा कर चुका हूं।"
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा के साथ प्रधानमंत्री ने बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित रायचूर, गुलबर्गा और बीजापुर जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया और 30 सितंबर से दो अक्टूबर के बीच राज्य में बाढ़ के कारण हुई तबाही का जायजा लिया।
प्रधानमंत्री ने शुक्रवार को कृष्णा और गुंटूर जिलों में हुई तबाही का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद आंध्र प्रदेश के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अंतरिम राहत की घोषणा की थी। उन्होंने कहा है कि राज्य को और भी सहायता प्रदान की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने दोनों राज्यों में बाढ़ के कारण मारे गए लगभग 290 लोगों के परिजनों को अलग-अलग 100,000 रुपये मुआवजे की घोषणा की है। कर्नाटक में 225 लोग तथा आंध्र प्रदेश में 65 लोग बाढ़ की भेंट चढ़ गए हैं।
आंध्र प्रदेश की राजधानी हैदराबाद में रात विश्राम करने के बाद प्रधानमंत्री ने शनिवार को राज्य के महबूबनगर और कुरनूल जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया। उसके बाद उन्होंने कर्नाटक के रायचूर, गुलबर्गा और बीजापुर जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।
आंध्र प्रदेश में हवाई सर्वेक्षण के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री के.रोसैया प्रधानमंत्री के साथ थे तथा कर्नाटक में हवाई सर्वेक्षण के दौरान मुख्यमंत्री बी.एस.येदियुरप्पा और केंद्रीय कानून मंत्री एम.वीरप्पा मोइली सिंह के साथ थे। दोनों नेताओं ने सिंह को 29 सितंबर से दो अक्टूबर के बीच 14 जिलों में बारिश और बाढ़ के कारण हुए नुकसान के बारे में जानकारी दी।
कर्नाटक सरकार ने राज्य में 20,000 करोड़ रुपये के नुकसान का आंकड़ा पेश किया है और केंद्र सरकार से 10,000 करोड़ रुपये की तत्काल मदद मांगी है। आंध्र प्रदेश ने 12,666 करोड़ रुपये के नुकसान का आंकड़ा पेश किया है और वह केंद्र सरकार से 6,000 करोड़ रुपये की मदद चाहता है।
रायचूर में मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और कर्नाटक के वरिष्ठ अधिकारियों ने सिंह को नुकसान के बारे में तथा राज्य सरकार द्वारा किए गए पुनर्वास कार्यक्रमों और केंद्रीय मदद की जरूरत की जानकारी दी। राज्य में 350,000 घर क्षतिगस्त हो गए हैं और इस कारण 10 लाख से अधिक लोग बेघर हुए हैं।
प्रधानमंत्री ने रायचूर में संवाददाताओं से कहा, "मैं यहां नट और बोल्ट की चर्चा करने नहीं आया हूं। मैंने कर्नाटक को भरोसा दिया है कि केंद्र सरकार संकट की इस घड़ी में कर्नाटक के साथ खड़ा है। राज्य में हुए नुकसान की भरपाई में धन की कमी नहीं होगी। लेकिन जारी की जाने वाली धनराशि की मात्रा निर्धारित करने के कुछ प्रावधान हैं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार से ज्ञापन प्राप्त होने के तत्काल बाद केंद्र सरकार क्षेत्र में जान-माल व फसलों के नुकसान का आंकलन करने के लिए एक दल भेजेगी।
इसके पहले राज्य के मुख्य सचिव एस.वी.रंगनाथ ने बाढ़ के कारण हुए नुकसान और प्रभावित लोगों की मदद के लिए अपनाए जा रहे राहत उपायों के बारे में प्रधानमंत्री को जानकारी देने के लिए एक पॉवर पॉइंट प्रजेंटेशन किया।
राज्य सरकार का अनुमान है कि बाढ़ के कारण 25 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल में फसलें नष्ट हुई हैं। बाढ़ में 5,000 से अधिक पशुओं की भी मौत हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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