श्रीनगर में भारतीय व पाकिस्तानी कश्मीरियों का सम्मेलन
शुक्रवार से शुरू हुए इस सम्मेलन का आयोजन सेंटर फॉर डायलॉग एंड रिकांसिलिएशन (सुलह व संवाद केंद्र) की ओर से किया जा रहा है।
इस सम्मेलन में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की ओर से शामिल हो रहे प्रतिनिधिमंडल में राजनीतिज्ञ, वकील, शांति कार्यकर्ता, पत्रकार और व्यापारी शामिल हैं।
सम्मेलन में हिस्सा ले रहे पाकिस्तान के पूर्व विदेश सचिव हुमायू खान ने कहा कि विभाजित सीमा के दोनों ओर के नागरिक समाज को सकारात्मक निर्णय लेने चाहिए, क्योंकि नई दिल्ली और इस्लामाबाद की सरकारें कश्मीर समस्या के समाधान के लिए कश्मीरियों से कोई मशविरा नहीं करतीं।
खान ने कहा, "नियंत्रण रेखा के दोनों ओर रहने वाले कश्मीरियों की बातें दोनों तरफ की सरकारों द्वारा नहीं सुनी जातीं।"
खान ने कहा, "दोनों सरकारें समझौते के मुद्दे को सार्वजनिक नहीं करतीं। इसके अलावा जिन उपायों पर सहमति बनती है, उसे लागू करने के लिए दोनों सरकारों में विश्वास की कमी है। मैं समझता हूं कि नागरिक समाज भारत और पाकिस्तान की सरकारों को अंतिम निर्णय लेने को मजबूर कर सकता है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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