रावलपिंडी में सेना मुख्यालय पर हमला, 4 मरे (लीड-3)
पाकिस्तानी मीडिया ने खबर दी है कि सेना की वर्दी पहने कुछ आतंकवादियों ने मॉल रोड स्थित अतिसुरक्षा वाले परिसर तक पहुंचकर सुरक्षाकर्मियों को हैरत में डाल दिया।
मोहम्मद जमील नाम के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि हमलावर सफेद रंग के सुजुकी वाहन में सवार होकर आए जिसे बैरिकेड के समीप सेना के जवानों ने रोक दिया। उसमें बैठे लोगों ने तत्काल गोलियां बरसानी शुरू कर दीं। अन्य लोग बाहर निकल आए और ग्रेनेड फेंकने लगे। इस दौरान उन्होंने स्वचालित हथियारों से गोलीबारी जारी रखी।
सेना के अनुसार अचानक हुए हमले से हक्के -बक्के सैनिकों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसमें चार आतंकवादी मारे गए। इस्लामाबाद में फौरन अलर्ट घोषित कर दिया गया।
घंटा भर बाद सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने घोषणा की कि चार आतंकवादी मारे जा चुके हैं और हालात काबू में हैं। अब्बास ने 'जियो टीवी' को बताया कि कुछ सुरक्षाकर्मी भी शहीद हुए हैं। दो आतंकवादी गिरफ्तार भी किए गए हैं।
एक सुरक्षा अधिकारी ने मीडिया को बताया, "उन्होंने सेना की वर्दी पहन रखी थी और उन्होंने सेना मुख्यालय में घुसने की कोशिश की। रोके जाने पर उन्होंने गोलियां बरसाईं और ग्रेनेड दागे।"
बंदूकधारियों की शिनाख्त तत्काल नहीं हो सकी है। लेकिन यह हमला पेशावर पर हुए आत्मघाती हमले के एक दिन बाद हुआ है, जिसमें मरने वालों की संख्या अब तक 52 हो चुकी है।
'जियो टीवी' ने मंसूर अहमद नाम के प्रत्यक्षदर्शी के हवाले से बताया कि हमलावरों ने वाहन से सुरक्षाकर्मियों पर गोलियां बरसाईं। वे बार-बार ग्रेनेड दाग रहे थे। अहमद ने बताया कि कम से कम एक हमलावर तो चंद मिनटों में ही मारा गया। उसका शव सड़क पर पड़ा था। पूरे क्षेत्र में 45 मिनट से ज्यादा समय तक रुक-रुककर गोलीबारी होती रही और ग्रेनेड दागे जाते रहे।
सेना के हेलीकॉप्टरों ने सटीक निशानेबाजों के साथ हवाई निगरानी शुरू कर दी। कमांडो ने नजदीकी इमारतों पर पोजीशन ले ली। घटनास्थल की ओर जाने वाली सभी सड़कों पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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