निरुपमा राव ने काबुल में दूतावास का जायजा लिया (लीड-1)
काबुल/नई दिल्ली/वाशिंगटन, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश सचिव निरूपमा राव ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में भारतीय दूतावास का दौरा किया। दूतावास के पास गुरुवार को हुए आत्मघाती हमले में 17 लोग मारे गए गए थे। हालांकि राव ने इसके लिए पाकिस्तान की ओर अंगुली नहीं उठाई है।
काबुल में जब संवाददाताओं ने पूछा कि क्या इस हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ है, तो इस पर राव ने कहा, "मैं समझती हूं कि पहले जांच पूरी हो जानी चाहिए।"
अफगानी अधिकारियों ने हालांकि गुरुवार को अपने दक्षिणी पड़ोसी देश पाकिस्तान की ओर संकेत करते हुए कहा था कि यह हमला सीमा पार से सुनियोजित था।
राव ने कहा, "इस हमले के पीछे जो भी जिम्मेदार है, इतना साफ है कि वह शांति, लोकतंत्र, अफगानी जनता और भारतीय जनता का विरोधी है।"
राव ने दूतावास के लिए सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की और विस्फोट के बाद हुई क्षति का जायजा लिया।
दूतावास के दौरे के बाद राव ने अफगान राष्ट्रपति हामिद करजई और विदेश मंत्री रांगिन दादफार स्पांटा से मुलाकात की।
राव शनिवार की सुबह नई दिल्ली लौट आएंगी।
इसके पहले राव ने गुरुवार को कहा था कि यह विस्फोट पिछले साल सात जुलाई को हुए उस धमाके की तरह ही था, जिसमें दो भारतीय राजनयिक मारे गए थे। उन्होंने कहा था कि पिछले साल हमले के बाद जो कदम उठाए गए वह 'प्रभावशाली' साबित हुए हैं।
उधर, अमेरिका ने काबुल में भारतीय दूतावास के निकट हुए इस आत्मघाती हमले की निंदा की है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि इस प्रकार की हिंसा को कोई भी उचित नहीं ठहरा सकता है। बयान में कहा गया है, "अमेरिका काबुल में भारतीय दूतावास और अफगानी आतंरिक मामलों के मंत्रालय के निकट हुए हमले की निंदा करता है।"
इसी बीच एक अमेरिकी संगठन ने कहा है कि काबुल में एक वर्ष के भीतर भारतीय दूतावास पर हुए दूसरे हमले के बाद पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों पर दवाब बनाने का समय आ गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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