हिमाचल जलविद्युत परियोजना ठेके की न्यायिक जांच की मांग
हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्च र लिमिटेड की याचिका पर ब्राकेल को परियोजना का आवंटन रद्द कर दिया।
मनकोटिया ने पत्रकारों को बताया, "मैंने ब्राकेल को जलविद्युत परियोजना आवंटित करने की प्रक्रिया की न्यायिक जांच की मांग की है। पूर्व और मौजूदा दोनों सरकारों ने सौदे की शतोर्ं को नजरअंदाज करते हुए कंपनी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की है।"
दिसंबर 2006 में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में वैश्विक निविदा जारी कर ब्राकेल को परियोजना का ठेका दिया गया था। उस समय प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने राज्यपाल से ठेका देने की प्रक्रिया की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से कराने की मांग की थी।
वर्ष 2007 में सत्ता में आने के बाद भाजपा ने ब्राकेल को किन्नौर जिले में 960 मेगावाट की थोपन-पोवारी-जांगी जलविद्युत परियोजना लगाने की अनुमति दे दी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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