नोएडा पार्क में निर्माण बंद करे राज्य सरकार : सर्वोच्च न्यायालय
नोएडा पार्क को दलित नेता कांशीराम और मुख्यमंत्री मायावती के स्मारक के रूप में विकसित किया जा रहा है।
प्रधान न्यायाधीश के.जी. बालाकृष्णन, न्यायाधीश एस.एच. कपाड़िया और न्यायाधीश आफताब आलम की खंडपीठ ने 26 अक्टूबर तक निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने का आदेश पारित किया।
सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त की गई केंद्रीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति की याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायलय ने निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाने का आदेश दिया। समिति ने 6,000 हरे पेड़ों को काट कर पार्क विकसित करने पर आपत्ति जताई थी।
इससे पहले सर्वोच्च न्यायालय लखनऊ में कांशीराम और मायावती के विभिन्न स्मारकों के निर्माण पर रोक लगा चुका है। लेकिन कथित रूप से राज्य सरकार द्वारा न्यायालय के आदेश का उल्लंघन करने के मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव को न्यायालय के समक्ष पेश होने को कहा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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