राजगीर में आरएसएस की बैठक का भागवत ने किया उद्घाटन (लीड-1)
उद्घाटन के बाद आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख मनमोहन वैद्य ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि इस तीन दिवसीय बैठक में चर्चा का मुख्य बिन्दु गांवों का विकास, सीमा सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था तथा पर्यावरण होगा।
उन्होंने बताया कि मोहन भागवत के अलावा आरएसएस के पूर्व सरसंघचालक कुप्प़ सी़ सुदर्शन प्रांतीय प्रचारकों तथा क्षेत्रीय प्रचारकों की एक बैठक में भी शामिल होंगे। वैद्य के अनुसार पटना से 110 किलोमीटर दूर मगध साम्राज्य की पहली राजधानी राजगृह के हसनपुर में पूज्य तपस्वी जगजीवनजी महाराज सरस्वती विद्या मंदिर के प्रांगण में देश भर से जुटे करीब 400 से अधिक प्रतिनिधि इस बैठक में भाग ले रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में मचे अंतर्कलह के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि बैठक में राजनीति पर कोई चर्चा नहीं होगी।
इससे पहले आरएसएस के एक पदाधिकारी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि भाजपा में बढ़ते असंतोष के बारे में भी इस बैठक में चर्चा होगी। ज्ञात हो कि लोकसभा चुनाव में पराजय के बाद भाजपा में शीर्ष स्तर पर लगातार असंतोष की खबरें आ रही हैं।
इस बीच, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता राम कृपाल यादव ने कहा कि नीतीश कुमार सरकार राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए आरएसएस नेताओं का स्वागत कर रही है।
उन्होंने कहा, "जब राजद सत्ता में था तो प्रवीण तोगड़िया और अशोक सिंघल जैसे विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेताओं को बिहार में कदम रखने की इजाजत नहीं थी।" जनता दल(युनाइटेड) के नेताओं ने कहा कि आरएसएस प्रतिबंधित संगठन नहीं है और उसके नेता जहां चाहें बैठक कर सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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