आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में वैश्विक प्रतिबद्धता चाहता है भारत
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा, "हमारे दौर का सबसे बड़ा संकट आतंकवाद है। इसने शांति, लोकतंत्र और स्वतंत्रता को नजरअंदाज कर अंतर्राष्ट्रीय समुदाय व मानव समाज को खतरे में डाल दिया है।"
उन्होंने कहा कि कंप्रीहेंसिव कंवेशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म (सीसीआईटी) पर पिछले कई वर्षो से संयुक्त राष्ट्र में वार्ता हो रही है लेकिन अब समय आ गया है कि इस वार्ता को पूरा किया जाए और एक व्यापक समझौता स्वीकार कर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में प्रतिबद्धता जताई जाए।
पुरी ने कहा कि भारत लंबे से आतंकवाद का शिकार रहा है। पिछले साल मुंबई में हुए आतंकवादी हमले (26/11) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खतरे से कोई भी देश अछूता नहीं है।
उन्होंने कहा कि अब तो विदेशों में स्थिति भारतीय दूतावासों तक को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने वर्ष 2008 के जुलाई महीने और एक दिन पहले यानी आठ अक्टूबर को काबुल स्थित भारतीय दूतावास पर हुए आतंकवादी हमले का भी जिक्र किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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