हर्टा मुलर को साहित्य का नोबेल पुरस्कार (लीड-2)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार एकेडमी के बयान में कहा गया है, "काव्य की एकाग्रता और गद्य की बेबाकी से उन्होंने वंचितों की व्यथा को चित्रित किया।"
पुरस्कार में एक करोड़ क्रोनर (14 लाख डॉलर) की राशि दी जाती है।
मुलर के माता-पिता रोमानिया के जर्मन भाषी अल्पसंख्यक समुदाय से संबंधित थे। मुलर का जन्म 17 अगस्त 1953 में रोमानिया के जर्मन भाषी नगर नित्जीद्रोफ में हुआ।
उनके पिता ने द्वितीय विश्व युद्ध में जर्मन सेना के अंग एसएस में कार्य किया था। उनकी माता को वर्ष 1945 में अन्य अल्पसंख्यकों के साथ निर्वासित कर दिया गया था, जिसके कारण अगले पांच वर्ष उन्होंने यूक्रेन में बिताए।
एकेडमी के स्थाई सचिव पीटर इनग्लुंड ने स्वीडिश रेडियो से कहा कि मुलर की भाषा शानदार और बहुत विशिष्ट है।
56 वर्षीय मुलर की पहली प्रकाशित कृति लघुकथाओं का संग्रह था। उनकी चार कृतियों का अंग्रेजी में अनुवाद हुआ है।
मुलर को रोमानिया की खतरनाक खुफिया पुलिस के व्यवहार का सीधा अनुभव है, जब 70 के दशक में एक मशीन कारखाने में अनुवादक का काम करते हुए उन्होंने मुखबिरी करने से मना कर दिया था।
इसके बाद वर्ष 1987 में वह अपने पति रिचर्ड वेगनर के साथ जर्मनी चली गई थीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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