झारखण्ड और बिहार में नक्सलियों ने किया बंद का आह्वान
भाकपा (माओ) की विशेष क्षेत्रीय समिति के सदस्य गोपालजी ने कहा, "केंद्र हमारे आंदोलन को दबाने के लिए परोक्ष रूप से सेना की सहायता लेने का प्रयास कर रहा है।"
इस प्रतिबंधित संगठन ने कहा कि सरकार उसके आंदोलन को आतंकवाद के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।
प्रतिबंधित समूह द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, "देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए हमें सबसे बड़ा खतरा बताया जा रहा है। नक्सली आंदोलन की तुलना आतंकवादी गतिविधियों से की जा रही है। केंद्र सरकार तीन वर्षो में नक्सली आंदोलन को समाप्त करने का दावा कर रही है। हमने फासीवादी ताकतों और उनके दमनकारी उपायों के विरोध में सात से 13 अक्टूबर तक विरोध सप्ताह मनाने का निर्णय लिया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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