नासा की दूरबीन ने खोजा शनिग्रह का सबसे बड़ा वलय
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार शनि ग्रह का सुदूरवर्ती चंद्रमा फोएब इसी नए वलय में स्थित है। शनि का यह वलय घना है और उसकी ऊंचाई ग्रह के व्यास से करीब 20 गुणा ज्यादा है। इस वलय को भरने के लिए एक अरब धरतियों को एकसाथ जोड़ना होगा।
यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया से संबद्ध खगोलविद् ऐन वर्बिस्कर के अनुसार, "यह एक वृहदाकार वलय है।" यह वलय अपने में सूक्ष्म है जो बर्फ और धूल के कणों की पतले क्रम से बना है। स्पिट्जर की अवरक्त (इंफ्रारेड)आंखों इसकी सर्द धूल को भेद पाईं। यह दूरबीन 2003 में प्रक्षेपित की गई थी और इस समय यह पृथ्वी से 07 किलोमीटर दूर सूर्य की परिक्रमा में है। इस खोज से शनि ग्रह के चंद्रमाओं में से एक की पहेली को सुलझाने में मदद मिलेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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