केरी-लुगर विधेयक पर पाकिस्तानी सरकार और सेना में मतभेद उभरे
समाचार पत्र 'द न्यूज' के अनुसार प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने कहा कि अमेरिका ने तानाशाही के बजाए पहली बार पाकिस्तान में लोकतांत्रिक सरकार का समर्थन किया है। इसलिए केरी-लुगर विधेयक एक बड़ी सफलता है।
उधर, विधेयक में पाकिस्तान सेना और खुफिया संस्थाओं के खिलाफ उपयोग की गई असम्मानजनक भाषा और टिप्पणी पर सेना प्रमुख जनरल अशफाक परवेज कयानी ने मंगलवार को अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य कमांडर जनरल स्टैनली मैकक्रिस्टल से विरोध जताया। विधेयक में पाकिस्तान की सैन्य सेवाओं और खुफिया एजेंसियों के कामकाज पर टिप्पणी की गई है।
मंगलवार को हुई मुलाकात में कयानी ने हाल में कुछ अमेरिकी अधिकारियों द्वारा की गई टिप्पणी पर भी अपनी नाराजगी जताई।
सूत्रों के अनुसार कयानी ने रविवार को प्रधानमंत्री गिलानी के साथ मुलाकात में भी विधेयक पर अपनी विस्तृत आपत्तियों से सरकार को अवगत कराया।
गिलानी ने सरकार के सहयोगी पार्टियों के संसदीय दल को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार इस विधेयक पर नेशनल असेंबली में चर्चा कराने को तैयार है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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