कृष्णा नदी के तटबंधों में दरार से और गांव बाढ़ की चपेट में
राज्य में बाढ़ से अब तक 52 लोगों की मौत हो चुकी है और 16 लाख से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं। बंगाल की खाड़ी में नदी के मिलन स्थल के पास कृष्णा और गुंटूर जिले के कई द्वीपीय गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है।
दोनों जिलों के बाढ़ प्रभावित गांवों के अधिकत्तर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया गया है। प्रशासन बाढ़ की चपेट में आ सकने वाले क्षेत्रों के लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है।
प्रशासन ने करीब दो सौ गांवों से 250,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है। विजयवाड़ा शहर के कुछ इलाकों से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया। विजयवाड़ा के प्रकाशम बैराज का जलस्तर मंगलवार को 21.9 फीट तक पहुंच गया, जिस वजह से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
मुख्यमंत्री के.रोसैया ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित पांच जिलों के जिलाधिकारियों के साथ टेलीकांफ्रेंसिंग की। उन्होंने कृष्णा और गुंटूर जिले के अधिकारियों से अगले 36 घंटे तक तटबंधों की निगरानी करने के लिए कहा।
इधर, कुरनूल और महबूबनगर जिले में लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की है। दरअसल, पड़ोसी कर्नाटक राज्य के बांध से पानी का बहाव रुक गया है। श्रीसैलम ओर नागार्जुन सागर बांध से पानी का बहाव कम हुआ है जिससे प्रशासन को कुरनूल, मंत्रालायम, नंदीयाल शहर और गांव में राहत और बचाव कार्य चलाने में आसानी हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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