मिट्टी को विषैले धातुओं से जल्द छुटकारा दिलाने की तकनीक
'टेक्नीकल यूनिवर्सिटी ऑफ डेनमार्क' की अध्ययनकर्ता लिस्बेथ ओट्टोस्सेन का कहना है, "हमारा मकसद सामुदायिक स्वास्थ्य व सुरक्षा के लिए भारी धातुओं जैसे सीसा और कैडमियम को मिट्टी से अलग करने की स्थापित विधियों को तेज गति देना है। इसके लिए हम 'इलेक्ट्रोकाईनिसिस' विधियों का उपयोग कर रहे हैं।"
अध्ययनकर्ताओं के दल ने एक संरक्षित पेड़ की मिट्टी पर परीक्षण किया जो सीसे, तांबे, क्रोमियम और आर्सेनिक से बुरी तरह प्रदूषित थी। दल ने पाया कि लगभग दो सप्ताह के अंदर ही 90 प्रतिशत दूषित सीसे व 99 प्रतिशत तांबे को मिट्टी से अलग किया जा सका।
मिट्टी को शुद्ध करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला मिश्रण मिट्टी की अपेक्षा अधिक अम्लीय होता है तो इससे धातु के आयनों को अलग करने में मदद मिलती है।
प्रयोग के दौरान मिट्टी से 28 प्रतिशत क्रोमियम व 65 प्रतिशत आर्सेनिक को अलग किया जा सका। उन्होंने कहा, "इन दो धातुओं को पूरी तरह अलग करने के लिए हमें दोबारा मिश्रण तैयार करना पड़ा।"
1980 में विकसित 'इलेक्ट्रोकाईनिसस' विधि अभी बहुत धीमी गति से काम कर रही है और असरकारक शुद्धिकरण प्राप्त करने के लिए कई महीनों का समय लगेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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