हमले के बाद संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान स्थित सभी कार्यालय बंद किए (राउंडअप)
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार हमलावर अर्धसैनिक बल के एक जवान के रूप में आया था और उसने डब्ल्यूएफपी कार्यालय के अंदर खुद को उड़ा दिया था। जिस इलाके में यह घटना घटी, उसी इलाके में पाकिस्तानी राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी का निजी आवास है।
राष्ट्रपति जरदारी और प्रधानमंत्री युसूफ रजा गिलानी ने आत्मघाती हमले की निंदा करते हुए घटना की जांच के तत्काल आदेश दिए हैं।
पाकिस्तान के आंतरिक मंत्री रहमान मलिक ने कहा है कि हमलावर अर्धसैनिक बल, फ्रंटियर कार्प्स की वर्दी पहन कर आया हुआ था। इस बल के जवान उस सड़क पर पहले से तैनात थे।
जेनेवा में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने आत्मघाती हमले की निंदा की है। मून ने कहा है, "मैं इस्लामाबाद में डब्ल्यूएफपी के कार्यालय पर हुए हमले की निंदा करता हूं। इस प्रकार के हमले पाकिस्तान, संयुक्त राष्ट्र और पूरे मानवीय समुदाय के लिए भयानक त्रासदी की तरह है। यह एक जघन्य कार्रवाई है।"
मून ने हमले में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा है, "हम पाकिस्तानी नागरिकों को मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए काम करते रहेंगे।"
इस्लामाबाद में संयुक्त राष्ट्र सूचना केंद्र के अधिकारी इशरत रिजवी ने कहा, "अपने कर्मचारियों की सुरक्षा के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान में अपनी सभी गतिविधियों को अस्थायी तौर पर स्थगित कर दिया है।"
डब्ल्यूएफपी के सूचना अधिकारी अदम मोतीवाला ने कहा, "अचानक काफी तेज आवाज सुनाई दी और मैं गिर पड़ा।" पैर और सिर में चोट की वजह से मोतीवाला को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इस्लामाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ताहिर आलम खान ने कहा कि हमला 'योजनाबद्ध' तरीके से किया गया।
इस्लामाबाद के पुलिस उप महानिरीक्षक बिन यामीन ने कहा है कि आत्मघाती हमलावर का शव बरामद कर लिया गया है। डब्ल्यूएफपी का कार्यालय इस्लामाबाद के सेक्टर एफ-8 में है। कार्यालय यहां एक किराए के मकान में चल रहा है। विस्फोट के वक्त कार्यालय में 80 लोग उपस्थित थे, जिसमें 20 से 30 विदेशी कर्मचारी थे।
यामीन ने कहा कि मृतकों में डब्ल्यूएफपी की दो महिला कर्मचारी भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि दोनों महिलाएं पाकिस्तानी थीं। घायलों को इस्लामाबाद स्थित पाकिस्तान चिकित्सा विज्ञान संस्थान (पीआईएमएस) अस्पताल में भर्ती करवाया गया है और सभी अस्पतालों में आपात स्थिति लागू कर दी गई है।
पीआईएमएस के प्रवक्ता वसीम ख्वाजा ने कहा कि दो पाकिस्तानी और एक इराकी नागरिक का शव अस्पताल लाया गया था। उन्होंने कहा कि घायलों में चार की हालत नाजुक बनी हुई है।
इस्लामाबाद में मौजूद चीन के एक संवाददाता ने कहा कि उसने स्थानीय समयानुसार दोपहर 12.15 बजे धमाके की आवाज सुनी। विस्फोट के तुरंत बाद संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों से कार्यालय की इमारत खाली करने को कहा गया था। फिलहाल किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
संयुक्त राष्ट्र ने आत्मघाती हमले में मारे गए लोगों के नाम जारी किए हैं। आत्मघाती हमले में इराकी नागरिक बोटान अहमद अली और तीन पाकिस्तानी नागरिक आबिद रहमान, गुलरुख ताहिर और फरजाना बरकत की मौत हो गई है।
सूत्रों के अनुसार पुलिस ने पूछताछ के लिए छह लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें दो सुरक्षा गार्ड भी शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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