बाढ़ से मृतकों की संख्या 258 हुई (राउंडअप)
हैदराबाद/बेंगलुरू, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में बाढ़ की विभीषिका से मृतकों की संख्या 242 हो गई। आंध्र प्रदेश में जहां अससमय 52 लोग वहीं कर्नाटक में 206 लोग काल के गाल में समा चुके हैं। मंगलवार को आंध्र के कृष्णा और गुंटूर जिले में हालांकि एक बार और बाढ़ आई लेकिन बाढ़ आने से पहले ही यहां से लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका था।
आंध्र प्रदेश और कर्नाटक ने बाढ़ में 28,000 करोड़ रुपये की संपत्ति के नुकसान होने का अनुमान लगाया है। दोनों राज्यों ने केंद्र से तत्काल 16,000 करोड़ रुपये की सहायता राशि की मांग की है।
इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री पी.चिदंबरम ने कहा है कि कर्नाटक और आंध्र प्रदेश को बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है और केंद्र सरकार दक्षिण के इन दोनों राज्यों को हरसंभव सहायता देने के लिए तैयार है।
गृह मंत्री ने सोमवार को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के साथ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा किया था। चिदंबरम द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान में कहा गया कि दोनों राज्यों को बाढ़ से भारी नुकसान हुआ है और लाखों लोगों को शिविरों में रहना पड़ रहा है।
दोनों राज्यों को सहायता स्वरूप दी जाने वाली राशि के बारे में चिदंबरम ने कुछ नहीं कहा, लेकिन उन्होंने कहा कि आपदा राहत कोष का 75 फीसदी खत्म होने के बाद राज्य सरकार राष्ट्रीय आकस्मिक आपदा कोष से राशि निकाल सकती है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा में बाढ़ के कारण मारे गए हर व्यक्ति के परिवार को 100,000 रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करने की घोषणा की है।
प्रधानमंत्री ने चारों राज्यों में हुए जान-माल के नुकसान पर दुख प्रकट किया है। यह अनुग्रह राशि प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजन को प्रदान की जाएगी।
आंध्र प्रदेश के कृष्णा और गुंटूर जिले में एक बार और बाढ़ आने से मंगलवार को एक बड़ी त्रासदी होने से बच गई। इन इलाकों से लोगों को पहले ही सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका था।
राज्य में बाढ़ से अब तक 52 लोगों की मौत हो चुकी है और 16 लाख से अधिक लोग इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।
बंगाल की खाड़ी में नदी के मिलन स्थल के पास कृष्णा और गुंटूर जिले के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी भर गया है, वहीं हैदराबाद-विजयवाड़ा राजमार्ग पर भी पानी भर जाने की वजह से यातायात व्यवस्था अवरुद्ध हो गई है।
कृष्णा और गुंटूर जिलों के बाढ़ प्रभावित गांवों के अधिकांश लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है। प्रशासन ने बाढ़ की संभावना वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है।
प्रशासन ने इन दो जिलों के करीब 200 गांवों से 250,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। विजयवाड़ा शहर के कुछ इलाकों से भी लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है।
मुख्यमंत्री के.रोसैया ने मंगलवार को बाढ़ प्रभावित पांच जिलों के जिलाधिकारियों के साथ टेलीकांफ्रेंसिंग की। उन्होंने कृष्णा और गुंटूर जिले के अधिकारियों से अगले 36 घंटे तक तटबंधों की निगरानी करने के लिए कहा है।
कुरनूल और महबूबनगर जिले में लोगों ने थोड़ी राहत महसूस की है। दरअसल, पड़ोसी कर्नाटक राज्य के बांध से पानी का बहाव रुक गया है। श्रीसैलम और नागार्जुन सागर बांध से पानी का बहाव कम हुआ है जिससे प्रशासन को कुरनूल, मंत्रालायम, नंदीयाल शहर और गांव में राहत और बचाव कार्य चलाने में आसानी हुई है।
बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित कुरनूल जिले में 28 और महबूबनगर में 17 लोगों की मौत हुई है। इसके अलावा कृष्णा व नलगौंडा में तीन और गुंटूर में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
राज्य सरकार ने बाढ़ से 12,225 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान लगाते हुए सोमवार को केंद्र सरकार से तत्काल 6,000 करोड़ रुपये की सहायता की मांग की थी।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा ने कहा कि राज्य में भारी बारिश और बाढ़ की विभीषिका से 20 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।
बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित उत्तरी जिलों में राहत अभियान और नुकसान का जायजा ले रहे मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 100 सालों में यह सबसे भीषण बाढ़ थी जिसने 18 जिलों में तबाही मचाई।
कर्नाटक में बाढ़ से 206 लोगों की मौत हो गई और ढाई लाख घर पूरी तरह नष्ट हो गए। बाढ़ ने करीब 25 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल को नष्ट कर दिया। इसके अलावा करीब 10,000 किलोमीटर की सड़क को नुकसान पहुंचाने के साथ ही कई छोटे पुलों को भी ढहा दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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