सर्वोच्च न्यायालय ने तमांग रिपोर्ट पर गुजरात सरकार को नोटिस जारी
न्यायाधीश बी.एन.अग्रवाल और न्यायमूर्ति आफताब आलम की पीठ ने इशरत जहां की मां शमीमा कौसर द्वारा दायर उस याचिका पर मंगलवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी किया है, जिसमें उसने तमांग रिपोर्ट को फिर से ताजा करने का आग्रह किया है। कौसर ने इशरत और उसके तीन साथियों की हत्या मामले की एक स्वतंत्र सीबीआई जांच कराने की भी मांग की है।
सर्वोच्च न्यायालय ने विभिन्न पक्षों से चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष प्रस्तुत करने को कहा है।
कौसर ने गुजरात उच्च न्यायालय के नौ सितंबर के उस आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है, जिसके तहत इशरत जहां हत्याकांड पर आई अहमदाबाद महानगरीय दंडाधिकारी एम.पी.तमांग की रिपोर्ट को निलंबित कर दिया गया था।
तमांग ने अपनी रिपोर्ट में गुजरात पुलिस के उस दावे पर सवाल खड़ा किया है जिसमें कहा गया था कि इशरत और उसके अन्य साथी मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या का षड़यंत्र रच रहे थे। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पुलिस ने मुठभेड़ की योजना तैयार की और उन सभी को क्रूरता पूर्वक मार डाला।
शमीमा कौसर ने सर्वोच्च न्यायालय से आग्रह किया है कि उच्च न्यायालय के आदेश को निलंबित कर दिया जाए। इसके साथ ही कौसर ने कानून के विभिन्न प्रावधान के आधार पर तमांग रिपोर्ट को इस्तेमाल करने की भी सर्वोच्च न्यायालय से अनुमति मांगी है।
ज्ञात हो कि गुजरात उच्च न्यायालय ने गुजरात सरकार की एक कानूनी याचिका पर तमांग रिपोर्ट को यह कहते हुए नौ सितंबर को निलंबित कर दिया था कि यह रिपोर्ट न्यायिक दंडाधिकारी के अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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