सर्वोच्च न्यायालय ने उप्र के मुख्य सचिव को तलब किया (लीड-1)
न्यायमूर्ति बी. एन. अगवाल और न्यायमूर्ति आफताब आलम की खंडपीठ ने मंगलवार को मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता को निजी तौर पर चार नवम्बर को अदालत में पेश होने को कहा है। न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार को गत आठ सितम्बर को लखनऊ में सभी स्मारक स्थलों पर निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया था।
खंडपीठ ने कहा, "हमारे विचार से इस मामले में प्रथम दृष्टया मुख्य सचिव के खिलाफ मजबूत केस बनता है। मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया जाए और क्यों न उनके खिलाफ अवमानना की प्रक्रिया शुरू की जाए।"
खंडपीठ ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार लुका छिपी का खेल खेल रही है और इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक नहीं है।
न्यायालय ने मंगलवार को फिर से आदेश जारी कर लखनऊ में सभी स्मारक स्थलों पर निर्माण कार्य रोकने को कहा, चाहे वे किसी के भी नाम पर बनवाए जा रहे हों। न्यायालय ने साथ ही स्मारक स्थलों को जनता के लिए बंद करने का भी आदेश दिया।
उल्लेखनीय है कि लखनऊ में स्मारक स्थलों पर निर्माण कार्य रोकने के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय और इलाहाबाद उच्च न्यायालय में कई याचिकाएं लंबित हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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