खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में राज्य उत्प्रेरक की भूमिका निभाएं : प्रधानमंत्री
प्रधानमंत्री ने केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित राज्यों के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रियों के पहले सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मंगलवार को यहां कहा, "भारत में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग बिखरा हुआ है और इससे जुड़े ज्यादातर भागीदार लघु और असंगठित हैं।"
मनमोहन सिंह ने कहा, "यह स्थिति इस पूरे उद्योग के विकास के लिए एक विशेष चुनौती खड़ी करती है। लघु उद्योग क्षेत्र को लाभकारी और विश्व बाजार में प्रतिस्पद्र्धी बनाने के लिए उसे सहारा देने की जरूरत है।"
प्रधानमंत्री ने कहा है कि राज्य सरकारों को इस संबंध में एक सक्रिय भूमिका निभाने की जरूरत है। उन्होंने कहा, "राज्य सरकारें बैंकरों, वित्तीय संस्थानों और तकनीकी व प्रबंधन संस्थानों के साथ साझेदारी का प्रयास कर एक महत्वपूर्ण उत्प्रेरक की भूमिका निभा सकती हैं। ऐसे लघु व मध्यम उद्यम (एसएमई) समूहों की पहचान किए जाने की जरूरत है, जिनका नई प्रौद्योगिकी, पैकेजिंग के नए तरीके और विपणन सहयोग के जरिए चहुंमुखी विकास किया जा सके।"
प्रधानमंत्री ने कहा, "राज्यों को प्रशिक्षित निरीक्षकों और प्रयोगशालाओं की संख्या बढ़ा कर खाद्य कानून को कड़ाई के साथ लागू करना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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