जल्दी ही हो सकेगा ग्लूकोमा से बचाव
मानव आंख में 'लिम्फेटिक्स' की कमी हो जाती है। यह एक प्रकार की गति है जिससे आंख के ऊतकों से द्रव व व्यर्थ पदार्थो को बाहर निकालने में मदद मिलती है।
टोरंटो विश्वविद्यालय व स्थानीय सेंट माइकल अस्पताल के शोधकर्ताओं का कहना है कि इस द्रव व व्यर्थ पदार्थ के आंख से न निकल पाने की वजह से ग्लूकोमा की स्थिति बनती है। वर्तमान में दुनियाभर के 6.6 करोड़ लोग इस बीमारी से ग्रस्त हैं।
सोमवार को विश्वविद्यालय के एक वक्तव्य में प्रमुख शोधकर्ता येनी यूसेल ने कहा, "हमने 'लिम्फेटिक्स' में कमी को चुनौती दी है और मानव आंख में विशेष लिम्फेटिक चैनलों को खोजा है।"
शोधकर्ताओं का कहना है कि आंख के पीछे और मस्तिष्क के दृष्टि केंद्र में स्थित तंत्रिका कोशिका के मृत हो जाने को इस बीमारी की वजह माना जाता था। ग्लूकोमा की वजह को आंख पर बढ़े दबाव से भी जोड़ा जाता रहा है।
अध्ययन की सह-लेखिका नीरू गुप्ता का कहना है, "यह बेहद उत्साहित करने वाली खोज है जिसका मतलब है कि हम इलाज के नए तरीके निकाल सकते हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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