अफगान-पाकिस्तान सीमा जिहाद का आधुनिक केंद्र : अमेरिका
वाशिंगटन, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। अफगान-पाकिस्तान सीमा को जिहाद का आधुनिक केंद्र बताते हुए अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है वह अफगानिस्तान नहीं छोड़ेगा क्योंकि काबुल पर तालिबान के कब्जे से अल कायदा का आतंकवादी तंत्र मजबूत होगा।
जार्ज वाशिंगटन विश्वविद्यालय में एक गोष्ठी में अमेरिकी रक्षा मंत्री राबर्ट गेट्स ने कहा, "अफगानिस्तान के बारे में यह याद रखने की आवश्यकता है कि यह देश खासकार अफगान-पाकिस्तान सीमा जिहाद का आधुनिक केंद्र है।"
विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन के साथ उपस्थित गेट्स ने कहा, "अब उनके पास दूसरी महाशक्ति को पराजित करने का मौका है। इससे और कुछ नहीं तो उनकी विचारधारा और हमले की योजना बनाने की ताकत बढ़ेगी।"
उन्होंने कहा कि वह नहीं जानते कि अल कायदा अपना मुख्यालय अफगानिस्तान ले जाएगा या नहीं लेकिन यदि तालिबान अफगानिस्तान पर कब्जा कर लेता है तो उसे अतिरिक्त स्थान या रणनीतिक गहराई मिल जाएगी।
गेट्स और हिलेरी दोनों ने कहा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान के साथ लंबे संबंधों को लेकर अमेरिका प्रतिबद्ध है।
गेट्स ने कहा कि इस समय अफगानिस्तान में तालिबानी गतिविधियों में तेजी आई हैं और यदि उसने देश पर कब्जा कर लिया तो अल कायदा आतंकवादी तंत्र ताकतवर होगा।
गेट्स ने स्पष्ट किया कि सेना बढ़ाने के राष्ट्रपति बराक ओबामा के वर्तमान फैसले का अफगानिस्तान में बने रहने से कोई संबंध नहीं है। आतंकवादी संगठनों को नष्ट करने और वहां के आर्थिक विकास के लिए अमेरिका अफगानिस्तान में बना रहेगा।
क्लिंटन ने कहा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान दोनों का समर्थन करने की क्षेत्रीय नीति से आतंकवाद को पराजित करने और पूरी दुनिया में अमेरिका तथा सहयोगियों के हितों को सुरक्षित करने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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